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दुनिया के 7 अजूबों में से एक Bodrum Mausoleum की कहानी हेकाटॉम्निड राजवंश से जुड़ी है, जिसके भाई बहन Mausolus और Artemisia ने आपस में ही शादी कर ली थी. इवकी कहानी में तब महाट्विस्ट आया जब भाई (पति) की मौत हो गई और विधवा आर्टेमिसिया ने सत्ता संभाली थी.

एजियन सागर के किनारे बसा बोडरम आज इस्तांबुल के एलीट क्लास का सबसे महंगा हॉलिडे डेस्टिनेशन है, जहां सुपरयाट और अल्ट्रा-लग्जरी विला दिखते हैं लेकिन इसकी असली कहानी 350 ईसा पूर्व में शुरू हुई थी. यह जमीन लेलेग्स, रोमन, और बीजान्टिन जैसी कई सभ्यताओं का गवाह रही है लेकिन सबसे बड़ा ‘गेम चेंजर’ था हेकाटॉम्निड राजवंश. इस प्रायद्वीप का हर इंच चीख-चीखकर कहता है कि यह पूर्व और पश्चिम के बीच व्यापार और राजनीति का सबसे हॉटस्पॉट था.

आज भले ही यह अकल्पनीय लगे लेकिन प्राचीन कारिया के शासक माउसोलस ने अपनी सगी बहन आर्टेमिसिया-II से शादी की थी. यह कोई प्रेम कहानी नहीं, बल्कि सत्ता को परिवार के भीतर ‘सील’ करने की पॉलिटिकल स्ट्रेटेजी थी. इन दोनों ने मिलकर हलिकार्नासस को कारिया की राजधानी बनाया. माउसोलस थोड़े तानाशाह स्वभाव के थे; उन्होंने शहर को भव्य बनाने के लिए भारी-भरकम टैक्स लगाए. यहां तक कि पुरुषों के लंबे बालों पर भी.

जब 353 ईसा पूर्व में माउसोलस की मौत हुई, तो आर्टेमिसिया पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. वह सिर्फ विधवा नहीं हुई, बल्कि सत्ता की वारिस भी बनी थी. उनका शोक इतना गहरा था कि उन्होंने माउसोलस की जली हुई राख को शराब में मिलाकर पी ली थी.
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आर्टेमिसिया ने माउसोलस के लिए जो स्मारक बनवाया, वह उनका शोक-पत्र था जिसे पत्थरों पर उकेरा गया. उन्होंने ग्रीक, मिस्री और ल्यसियन शैलियों को मिलाकर एक ऐसा वास्तुशिल्पीय चमत्कार खड़ा किया जो उस दौर में कल्पना से परे था. 400 फीट से अधिक परिधि, 400 मूर्तियों की सजावट और शीर्ष पर रथ पर सवार युगल की प्रतिमाएं. यह सिर्फ एक कब्र नहीं थी, यह रानी के दर्द का आलीशान प्रदर्शन था, ये उस वक्त दुनिया का चौथा अजूबा बन गया था. (फोटो क्रेडिट- muze.gov.tr)

माउसोलस की दूरदर्शिता सिर्फ मकबरे में नहीं थी, बल्कि उनकी डिफेंस टेक्नोलॉजी में भी थी. उनके बनाए माइन्डोस गेट और गहरी खाई ने 334 ईसा पूर्व में सिकंदर महान की विशाल सेना को हलिकार्नासस की घेराबंदी के दौरान लंबे समय तक रोके रखा. हालांकि सिकंदर ने आखिर में जीत हासिल की, पर इस प्रतिरोध ने साबित कर दिया कि माउसोलस ने अपने शहर को कितनी गंभीरता से सुरक्षित किया था. (फोटो क्रेडिट- muze.gov.tr)

सदियों बाद, जब भूकंपों ने माउसोलियम को तोड़ दिया, तो इसके पत्थर गायब नहीं हुए. 15वीं शताब्दी में, नाइंट्स ऑफ सेंट जॉन ने उन्हीं भव्य संगमरमर और स्तंभों का उपयोग करके बोडरम कैसल (विशाल गॉथिक किला) का निर्माण किया. यानी, माउसोलस के शोक का पत्थर दूसरे शासकों के बचाव का हथियार बन गया! आज, आप बोडरम किला में उन्हीं पत्थरों को देख सकते हैं, जो दो अलग-अलग युगों की कहानियां बताते हैं. (फोटो क्रेडिट- muze.gov.tr)

क्या आप जानते हैं कि माउसोलियम के सबसे बेहतरीन टुकड़े आज कहां हैं? 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश आर्कियोलॉजिस्ट चार्ल्स न्यूटन ने खुदाई के बाद मकबरे के मुख्य अवशेषों को ले जाकर ब्रिटिश संग्रहालय (लंदन) में सजा दिया था. आज, आप बोडरम में सिर्फ नींव देखते हैं, जबकि दो शेर की मूर्तियां और भव्य भित्तिचित्र 2000 मील दूर लंदन में खड़े हैं. यह घटना बताती है कि इतिहास की कलाकृतियां भी ग्लोबल पॉलिटिक्स का शिकार रही हैं. (फोटो क्रेडिट- muze.gov.tr)

माउसोलस की विरासत का एक और जीवंत उदाहरण है प्राचीन थिएटर, 10,000 लोगों की क्षमता वाला यह थिएटर आज भी मौजूद है. आज भी यहां कॉन्सर्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जो हमें उस जमाने के नाटकों और ग्लेडिएटर की लड़ाइयों की याद दिलाते हैं. (फोटो क्रेडिट- muze.gov.tr)

माउसोलस के परिवार में उनकी छोटी बहन आडा भी थीं, जिन्होंने अपने भाई इड्रियस से शादी की थी। आडा की कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब सिकंदर महान ने उन्हें ‘दत्तक पुत्री’ के रूप में अपनाया और उन्हें कारिया पर वापस शासन करने का अधिकार दिया. बोडरम संग्रहालय में आडा के सोने के मुकुट और उनके अवशेष प्रदर्शित हैं.





