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Which Country Sees First Dawn: क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में सबसे पहला सवेरा कहां होता है? आपने कई जगहों पर पढ़ा होगा कि जापान उगते सूरज की धरती है लेकिन ये सच नहीं है. आज हम आपको उस जगह का नाम बताएंगे, जहां सूर्य की किरणें धरती पर सबसे पहले दिखाई देती हैं.

जापान चीन के पूर्व में स्थित है, इसलिए चीनी लोग ऐतिहासिक रूप से इसे उगते सूरज की भूमि कहते थे. यह नाम समय के साथ जापान की सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया. यही वजह है कि ज्यादातर लोग समझते हैं कि जापान में सबसे पहले सूर्य उगता है.

जापान को अक्सर सबसे पहले सूर्योदय वाला देश कहा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है. पृथ्वी के घूमने के कारण, प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप वास्तव में सबसे पहले सूर्योदय देखते हैं. हममें से बहुत कम लोगों को पता है कि कहां सूर्य सबसे पहले दिखाई देता है.

दुनिया में सबसे पहले सूर्योदय वाला देश प्रशांत महासागर में स्थित किरिबाती है. यह सबसे दूर और अकेले देशों में से एक है. इस द्वीप पर 35 लाख वर्ग किलोमीटर से भी ज्यादा क्षेत्र में 33 प्रवाल भित्तियां यानि कोरल रीफ फैली हुई हैं. दिलचस्प बात यह है कि किरिबाती भूमध्य रेखा और अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा, दोनों पर स्थित है. इसका सबसे पूर्वी बिंदु, मिलेनियम द्वीप, दुनिया का वह पहला स्थान है, जहां हर दिन सूर्योदय होता है.
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दिलचस्प ये भी है कि 1995 से पहले, अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा किरिबाती के मध्य से होकर गुजरती थी. इसकी वजह से देश के पश्चिमी भाग के द्वीप पूर्वी भाग से एक दिन आगे थे, जिससे प्रशासनिक भ्रम की स्थिति पैदा हो गई. इस समस्या के समाधान के लिए किरिबाती सरकार ने 1995 में तिथि रेखा को पूर्व की ओर खिसका दिया, जिससे पूरा देश एक ही तिथि के अंतर्गत आ गया. इस ऐतिहासिक परिवर्तन ने किरिबाती को दुनिया का पहला ऐसा देश बना दिया, जहां नया दिन उगने लगा.

तो फिर, जापान को ‘उगते सूरज की भूमि’ क्यों कहा जाता है? इसका जवाब भूगोल में नहीं, बल्कि इतिहास में छिपा है. चूंकि जापान चीन के पूर्व में स्थित है, इसलिए चीनी लोग ऐतिहासिक रूप से इसे ‘उगते सूरज की भूमि’ कहते थे. इस प्रकार, जापान नाम उसकी सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है.

किरिबाती एक खूबसूरत देश है, लेकिन यह जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे ज़्यादा संवेदनशील देशों में से एक है. समुद्र का जलस्तर बढ़ने से केवल दो मीटर ऊंचे इस द्वीप के जलमग्न होने का खतरा पैदा हो गया है.





