Last Updated:
बांग्लादेश में शेख हसीना के बैंक लॉकर से सोना जब्त किए जाने का नया मामला सामने आया है. फांसी की सजा के बाद अब उन पर नया आरोप लगाया जा रहा है, जो देश की प्रधानमंत्री रहते हुए चोरी करने का है. इस मामले में इनसाइड रिपोर्ट सामने आई है.
शेख हसीना के बैंक लॉकर से 10 किलो सोना जब्तढाका: बांग्लादेश से शेख हसीना को खदेड़ने के बाद भी जीन नहीं भरा तो उन्हें मौत की सजा सुना दी गई है. यूनुस के राज में शेख हसीना को फांसी पर लटकाने की तैयारी की जा रही है और इस बीच एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री के बैंक अकाउंट से 10 किलोग्राम सोना उड़ा दिया गया है. इस सोने की कीमत लगभग 1.3 मिलियन डॉलर यानी लगभग 11 करोड़ रुपए बताई जा रही है. बांग्लादेश के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि बुधवार को कर दी है.
क्या है इनसाइड स्टोरी?
एएफपी के मुताबिक राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड की सेंट्रल इंटेलिजेंस सेल (CIC) के अधिकारियों ने बताया कि सितंबर में शेख हसीना के लॉकर्स जब्त कर लिए गए थे, जिन्हें खोले जाने पर भारी-भरकम सोना मिला है. एक वरिष्ठ CIC अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर एएफपी को बताया, ‘कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए, हमने लॉकर खोले और पूर्व प्रधानमंत्री से संबंधित लगभग 9.7 किलोग्राम सोना बरामद किया’. बरामद किए गए सामानों में सोने के सिक्के, गोल्ड बार और सोने के आभूषण शामिल हैं.
Sheikh Hasina पर नया लांछन लगाने की तैयारी
जांचकर्ताओं ने कहा कि शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए प्राप्त हुए कुछ उपहारों को कानून के अनुसार राज्य के खजाने यानी तोशाखाना में जमा नहीं कराया था. जिसके बाद राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड अब इस मामले में कथित कर चोरी की भी जांच कर रहा है और यह पता लगा रहा है कि हसीना ने बरामद किए गए इस सोने को अपने टैक्स रिटर्न में घोषित किया था या नहीं?
फांसी पर लटकाने को तैयार
हसीना का शासन समाप्त होने के बाद से बांग्लादेश राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है, और फरवरी 2026 में होने वाले चुनावों के प्रचार को हिंसा ने प्रभावित किया है. इस महीने की शुरुआत में, अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने एक छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के खिलाफ घातक कार्रवाई के संबंध में हसीना को मौत की सजा सुनाई थी. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सत्ता में बने रहने की कोशिश के दौरान हुई इस कार्रवाई में 1,400 लोगों तक मारे गए थे.
November 27, 2025, 01:22 IST





