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अमेरिका की राह पर ऑस्ट्रेलिया, मुस्लिम देश के राजदूत को निकाला, ‘सेना’ को घोषित कर दिया आतंकी

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Agency:एजेंसियां

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Australia Lists IRGC as Terrorists: दुनिया में जिस तरह से आतंकवाद का साया बढ़ रहा है, उससे पश्चिमी देश भी अछूते नहीं हैं. अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास आतंकी हमला हुआ है, इससे पहले यहूदियों के खिलाफ यूएस के साथ ऑस्ट्रेलिया में भी हमले हुए. इसे लेकर अब ऑस्ट्रेलिया ने मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं.

ऑस्ट्रेलिया ने मुस्लिम देश के राजदूत को निकाला, 'सेना' को घोषित किया आतंकीऑस्ट्रेलिया ने की ईरान के खिलाफ कार्रवाई. (Credit- Reuters)

Australia Iran News: अमेरिका में हुए हमले के बाद जिस तरह से डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान को लेकर कड़ा रुख दिखाया है, ठीक उसी तरह से ऑस्ट्रेलिया ने भी एक मुस्लिम देश को लेकर कुछ ऐसा किया है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार हुआ है. हम बात कर रहे हैं ईरान की. ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने न सिर्फ ईरान के राजदूत को 7 दिनों में देश छोड़ने का आदेश दिया है, बल्कि इस देश के अनौपचारिक लेकिन सबसे ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानि IRGC को आतंकी घोषित कर दिया है.

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि ऑस्ट्रेलिया ने किसी देश के राजदूत को निकाला. ऑस्ट्रेलिया की ओर से IRGC को आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त घोषित कर दिया गया है. यह कठोर कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है, ऑस्ट्रेलियन खुफिया एजेंसियों ने पाया है कि IRGC ने ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर उन पर पिुछले साल आगजनी हमलों की साजिश रची थी.

किन घटनाओं के लिए IRGC को ठहराया जिम्मेदारी?

ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर, 2024 को सिडनी के Lewis’ Continental Kitchen पर हमला किया गया था और फिर दिसंबर, 2024 को मेलबर्न में Adass Israel Synagogue पर हमला किया गया था. इन घटनाओं को ऑस्ट्रेलिया ने संगठित आतंकवादी कार्रवाई बताया. इस मामले में आई खुफिया रिपोर्ट के बाद ही ऑस्ट्रेलिया के नए कानून के तहत IRGC को आतंकी ठहराया गया है. ऑस्ट्रेलिया ने State Sponsors of Terrorism Act 2025 लागू किया, जिसके तहत IRGC वो पहला संगठन बन गया है, जिसे राज्य समर्थित आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है. इसके तहत अब इस संस्था के लिए काम करना, फंड देना, भर्ती करना या संपर्क रखना तक अपराध होगा. इसका उल्लंघन करने पर 25 साल की सजा हो सकती है.

क्या है IRGC, जिसे अमेरिका भी मानता है आतंकी?

काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के मुताबिक इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ईरान की सबसे प्रभावशाली संस्था है, जो देश की मिलिट्री, इंटरनल सिक्योरिटी और इकोनॉमी पर होल्ड रखती है. साल 1979 में इसे स्थापित किया गया था और ये सेना की तरह ही काम करता है. ये सीधा ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करती है और कुद्स फोर्स को कमांड करती है. ये ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को भी मैनेज करती है, जबकि हमास और हिज्बुल्ला जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम करता है. IRGC को आतंकी घोषित करने का मतलब है कि ईरान और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. यह कदम अमेरिका और यूरोप की नीतियों के साथ तालमेल है क्योंकि अमेरिका पहले से ही IRGC को Foreign Terrorist Organization (FTO) घोषित कर चुका है. ऑस्ट्रेलिया जैसे शांतिपूर्ण देश का ऐसा कदम उठाना दुनिया भर के देशों को यह संकेत देता है कि ईरान की गतिविधियों पर अब और सख्ती होगी.

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Prateeti Pandey

News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा…और पढ़ें

News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा… और पढ़ें

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