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Japan Parliament News: रिकॉर्ड 73 महिला सांसदों की जीत के बाद जापान की संसद में बुनियादी सुविधाओं का संकट खड़ा हो गया है. प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची सहित 60 सांसदों ने टॉयलेट बढ़ाने की मांग की है. 1936 में बनी इस इमारत में महिलाओं के लिए केवल 22 क्यूबिकल हैं जबकि पुरुषों के लिए 67 स्टॉल मौजूद हैं. लंबी कतारों के कारण महिला सशक्तिकरण के दावों पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
यह मामला जापान का है. जापान की आलीशान और ऐतिहासिक संसद अपनी भव्यता के लिए दुनिया भर में जानी जाती है. यही संसद आज एक ऐसी समस्या से जूझ रही है जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की हो. कल्पना कीजिए देश की पहली महिला प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची और दर्जनों महिला सांसद सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले टॉयलेट के बाहर लंबी कतारों में खड़ी हैं. यह कोई साधारण कतार नहीं बल्कि जापान के बदलते राजनीतिक परिदृश्य और पुराने पड़ चुके ढांचे के बीच के टकराव की कहानी है. अक्टूबर 2024 में जब रिकॉर्ड 73 महिलाएं चुनाव जीतकर संसद पहुंचीं तो लोकतंत्र तो मजबूत हुआ लेकिन संसद की दीवारें छोटी पड़ गईं. 1936 में बनी इस इमारत में पुरुषों के लिए तो पर्याप्त इंतजाम हैं लेकिन महिला सांसदों को एक-एक क्यूबिकल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. यह लड़ाई सिर्फ स्वच्छता की नहीं बल्कि उस सम्मान और बराबरी की है, जिसका वादा आधुनिक जापान ने अपनी आधी आबादी से किया था.
क्या है पूरा मामला?
जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची सहित करीब 60 महिला सांसदों ने संसद भवन में महिलाओं के लिए शौचालयों की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है. अक्टूबर 2024 के चुनावों में 465 सीटों वाले निचले सदन (Lower House) में रिकॉर्ड 73 महिलाएं चुनकर आई हैं, जो 2009 के पिछले रिकॉर्ड (54 महिला सांसद) से कहीं अधिक है. विपक्षी सांसद यासुको कोमियमा के अनुसार महत्वपूर्ण सत्र शुरू होने से पहले शौचालयों के बाहर इतनी लंबी कतारें होती हैं कि कई सांसदों को हार मानकर बिना टॉयलेट गए ही सदन में बैठना पड़ता है.
महिला-पुरुषों के बीच टॉयलेट की संख्या में कितना अंतर?
जापानी संसद भवन का निर्माण 1936 में हुआ था. उस समय महिलाओं को वोट देने का अधिकार तक नहीं था. आज के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
· पुरुषों के लिए: पूरी इमारत में 12 टॉयलेट हैं, जिनमें 67 स्टॉल और यूरिनल हैं.
· महिलाओं के लिए: मुख्य चैंबर के पास केवल एक शौचालय है जिसमें मात्र 2 क्यूबिकल हैं. पूरी इमारत में महिलाओं के लिए 9 टॉयलेट और 22 क्यूबिकल हैं. समस्या तब और बढ़ जाती है जब महिला कर्मचारी और विजिटर्स भी इन्हीं सीमित शौचालयों का उपयोग करते हैं.
महिला सशक्तिकरण और चुनौतियां
पीएम ताकाइची ने पिछले साल पद संभालते समय कैबिनेट में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का वादा किया था लेकिन फिलहाल उनकी 19 सदस्यीय कैबिनेट में केवल दो अन्य महिलाएं शामिल हैं. जापान सरकार ने नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की 30% भागीदारी का लक्ष्य 2020 से बढ़ाकर 2030 कर दिया है. सांसदों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में महिला सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है तो उसे बुनियादी सुविधाओं से इसकी शुरुआत करनी चाहिए.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
January 02, 2026, 21:24 IST





