काराकास. वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने जानकारी दी कि अमेरिका के हमले के बाद से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस का कुछ अता-पता नहीं है. वहीं, अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके खिलाफ अपराध के मामले चलाए जाएंगे.
अमेरिकी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, एक रिपब्लिकन सांसद ने बताया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अमेरिका में ट्रायल के लिए अरेस्ट किया है. इस बीच, वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज ने कहा कि शनिवार को हुए अमेरिकी हमले में वेनेजुएला के शहरी इलाकों पर असर पड़ा. वेनेजुएला अभी मारे गए और घायल हुए लोगों की संख्या के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहा है, और उन्होंने पुष्टि की कि काराकस में फोर्ट टियुना मिलिट्री ठिकाने पर हमला हुआ था.
रक्षा मंत्री लोपेज ने जोर देकर कहा कि देश विदेशी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध करेगा. यह हमला देश के लिए सबसे बड़ा गुस्सा दिखाता है. उपराष्ट्रपति रोड्रिगेज ने शनिवार को कहा कि स्थानीय समयानुसार सुबह-सुबह काराकास, मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा में अमेरिका ने हमला किया है.
वेनेजुएला के जाने-माने डेली अखबार एल नेशनल ने बताया कि रोड्रिगेज ने वेनेजुएला डे टेलीविजन को दिए एक टेलीफोन इंटरव्यू में अमेरिकी सरकार से मादुरो और फ्लोरेस के जिंदा होने का सबूत मांगा है. अखबार ने बताया, “डेल्सी रोड्रिगेज ने लोगों से देश की रक्षा के लिए सिविल-मिलिट्री फ्यूजन में एक्टिव होने की अपील की.”
बता दें कि सिविल-मिलिट्री फ्यूजन एक राष्ट्रीय रणनीति है जिसका मकसद नागरिक और सैन्य क्षेत्रों को एक साथ जोड़कर, नवाचार और संसाधनों को साझा करके, देश की समग्र शक्ति और सुरक्षा को बढ़ाना है.
यूटा के सीनेटर माइक ली ने बताया कि उनकी अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से बात हुई है. ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “उन्होंने मुझे बताया कि निकोलस मादुरो को अमेरिका के लोगों ने क्रिमिनल चार्ज में ट्रायल के लिए अरेस्ट किया है, और आज रात हमने जो काइनेटिक एक्शन देखा, वह अरेस्ट वारंट को एग्जीक्यूट करने वालों को बचाने और बचाव करने के लिए था.”
वहीं, दूसरी ओर, वेनेजुएला के विदेश मंत्री इवान गिल पिंटो ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी हमले के जवाब में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अर्जेंट मीटिंग बुलाने की अपील की है. उन्होंने टेलीग्राम पर यूएन को भेजे गए लेटर को शेयर करते हुए कहा, ‘इन लोगों की ताकत के सामने कोई भी कायरतापूर्ण हमला कामयाब नहीं होगा. वे जीतेंगे.’





