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अमेरिका की ओर से वेनेजुएला में किए गए सैन्य ऑपरेशन के बाद संकट और गहरा गया है. क्यूबा सरकार ने पुष्टि की है कि अमेरिकी हमलों में वेनेजुएला में तैनात उसके 32 सैन्य और पुलिस अधिकारियों की मौत हुई है. यह पहली आधिकारिक मौतों की संख्या है. ऑपरेशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के साथ-साथ क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ गया है, जिससे अमेरिका-क्यूबा और लैटिन अमेरिका में टकराव की आशंका गहरा गई है.
वेनेजुएला में हमले के बाद मची तबाही.अमेरिका की ओर से वेनेजुएला में किए गए सैन्य ऑपरेशन ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है. क्यूबा सरकार ने रविवार को पहली बार आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि अमेरिकी हमलों में 32 क्यूबाई सैन्य और पुलिस अधिकारियों की मौत हुई है. यह जानकारी क्यूबा के सरकारी टेलीविजन पर जारी बयान के जरिए दी गई. क्यूबा सरकार के अनुसार, मारे गए सभी अधिकारी वेनेजुएला सरकार के अनुरोध पर वहां तैनात थे और सुरक्षा व रक्षा से जुड़े मिशन पर काम कर रहे थे. हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वे अधिकारी किस विशेष अभियान में शामिल थे, लेकिन क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला का करीबी सहयोगी रहा है और वहां सैन्य व खुफिया सहायता देता रहा है.
हवाना में इस घटना के बाद दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है. क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल और पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो ने मारे गए अधिकारियों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है. हालांकि अब तक मृतकों के नाम और रैंक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. क्यूबा के आधिकारिक बयान में कहा गया कि अधिकारी ‘सीधे मुकाबले में हमलावरों के खिलाफ लड़ते हुए या बमबारी में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के कारण शहीद हुए.’ बयान में अमेरिकी कार्रवाई को आक्रामक और हिंसक बताया गया.
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अप्रत्यक्ष रूप से क्यूबाई हताहतों की पुष्टि की. एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा,’कल बहुत से क्यूबाई मारे गए. दूसरी तरफ भारी मौतें हुईं. हमारी तरफ कोई नुकसान नहीं हुआ.’ अमेरिकी ऑपरेशन के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया है, जहां उन पर नार्को-टेररिज़्म और अवैध हथियारों से जुड़े गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा. वेनेजुएला सरकार ने भी यह स्वीकार किया है कि अमेरिकी हमलों में लोग मारे गए हैं, लेकिन अब तक कुल मौतों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है.
क्यूबा के कारण सत्ता में टिके थे मादुरो?
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी क्यूबा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मादुरो की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर क्यूबाई अधिकारियों का बड़ा प्रभाव था. रुबियो के मुताबिक, ‘मादुरो की सुरक्षा और जासूसी तंत्र में क्यूबाई अधिकारी गहराई से शामिल थे और वही उसे सत्ता में टिकाए हुए थे.’ विशेषज्ञों का मानना है कि क्यूबाई अधिकारियों की मौत की आधिकारिक पुष्टि से यह साफ हो गया है कि वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी अभियान नहीं थी, बल्कि एक पूर्ण सैन्य टकराव का रूप ले चुकी है. इससे अमेरिका-क्यूबा संबंधों में और कड़वाहट आने के साथ-साथ लैटिन अमेरिका में तनाव और बढ़ने की आशंका है.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
January 05, 2026, 09:40 IST





