विदेश » ग्रीनलैंड की Inuit लड़कियाँ: शिक्षा, पहनावा और संस्कृति में खास

ग्रीनलैंड की Inuit लड़कियाँ: शिक्षा, पहनावा और संस्कृति में खास

Facebook
Twitter
WhatsApp

Last Updated:

Greenland Girls: ग्रीनलैंड आज के समय पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. अमेरिका और यूरोप के बीच में पड़ने वाले दुनिया के इस सबसे द्वीप पर यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की निगाहें जमी हुई हैं. अमेरिका के कब्जे की नीयत के बीच यूरोपीय देशों से तनातनी का माहौल है. बहरहाल ग्रीनलैंड की बर्फीली धरती पर आधी आबादी यानी देश की लड़कियाँ भी अहम स्थान रखती हैं. ग्रीनलैंड की महिलाएं आज केवल बर्फ और सन्नाटे की पहचान नहीं रहीं. आर्कटिक क्षेत्र की यह बेटियाँ शिक्षा, रोजगार और सामाजिक बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं. कठोर मौसम और सीमित संसाधनों के बीच पलने वाली ग्रीनलैंडिक लड़कियाँ आधुनिक दुनिया से जुड़कर भी अपनी संस्कृति को सहेजे हुए हैं.

ग्रीनलैंड

ग्रीनलैंड की लड़कियाँ कौन हैं? क्या खासियत है? बर्फ की विशाल चट्टानों वाले ग्रीनलैंड की 56 हजार की कुल आबादी में से ज्यादातर इनुइट (Inuit) समुदाय से आती है. यहाँ की लड़कियाँ बचपन से ही सामुदायिक जीवन, प्रकृति और आत्मनिर्भरता की सीख के साथ बड़ी होती हैं. इनकी मुख्य विशेषताओं में सादगी भरा जीवन, परिवार और समाज से गहरे जुड़ाव के साथ ही प्रकृति-केंद्रित सोच शामिल है.

ग्रीनलैंड की लड़कियां

नस्लीय पहचान: ग्रीनलैंड की अधिकांश आबादी इनुइट (Inuit) मूल की है. इसलिए वहाँ की लड़कियों की शारीरिक विशेषताएं अक्सर एशियाई या मूल अमेरिकी लोगों से मिलती-जुलती होती हैं. जैसे बादामी आँखें, ऊंचे चीकबोन्स और सीधे काले बाल. स्वभाव: वे अपनी सहनशक्ति और मजबूती के लिए जानी जाती हैं. आर्कटिक की कठोर परिस्थितियों में रहने के कारण वे स्वभाव से बहुत व्यावहारिक, आत्मनिर्भर और साहसी होती हैं.

ग्रीनलैंड

ग्रीनलैंड की लड़कियों के पहनावे की बात करें तो पारंपरिक पोशाक में रंगीन नेशनल इनुइट ड्रेस, जिसमें हाथ से की गई कढ़ाई और मोतियों का काम शामिल है. आम दिनों में वे आधुनिक पश्चिमी कपड़े पहनती हैं, लेकिन खास मौकों पर वे अपना रंगीन परिधान पहनती हैं जिसे ‘अमाउत’ (Amuut) या कल्लाल्लुसुत (Qallalluarsuut) कहा जाता है, जो मोतियों और सील की खाल से बना होता है. शादी, त्योहार और राष्ट्रीय समारोह में इस्तेमाल किया जाता है. आधुनिक पहनावा भी ग्रीनलैंड की लड़कियों की जीवनशैली का हिस्सा है. इसमें जैकेट, कोट, जींस, स्वेटर शामिल है. यहां पहनावे पर यूरोपीय फैशन का प्रभाव दिखता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

ग्रीनलैंड

शिक्षा और पढ़ाई की बात करें तो ग्रीनलैंड में लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता दी जाती है. वहां साक्षरता दर 100 प्रतिशत की है. प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक सरकारी सहायता मिली होती है. कई स्टूडेंट्स डेनमार्क में जाकर उच्च शिक्षा लेती हैं. बात अगर पढ़ाई की करें तो प्रमुख विषयों में स्वास्थ्य विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन, शिक्षा और समाजशास्त्र के साथ ही मीडिया और प्रशासन भी शामिल है. ग्रीनलैंड की युवा लड़कियाँ पढ़ाई को आत्मनिर्भर बनने का सबसे बड़ा जरिया मानती हैं.

ग्रीनलैंड

रोजगार और कामकाज में ग्रीनलैंड की लड़कियाँ आज कई क्षेत्रों में सक्रिय हैं. प्रमुख रोजगार के क्षेत्र हैं- शिक्षा (टीचर, प्रोफेसर), हेल्थ सेक्टर (नर्स, डॉक्टर), टूरिज़्म और होटल इंडस्ट्री, सरकारी सेवाएँ, आर्ट, डिजाइन और मीडिया शामिल है. वहीं इनकी पारंपरिक आजीविका में मछली पकड़ना, हस्तशिल्प और लोक कला, सिलाई और कपड़ा डिज़ाइन शामिल है.

ग्रीनलैंड महिला पीएम

ग्रीनलैंडिक समाज में महिलाएं बहुत प्रभावशाली भूमिका निभाती हैं. राजनीति यहाँ राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बहुत मजबूत है. अलीका हैमंड तो ग्रीनलैंड की पहली महिला प्रधानमंत्री भी रह चुकी हैं. वे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, प्रशासन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में मुख्य भूमिका निभाती हैं. ग्रीनलैंड का समाज काफी हद तक समानता पर आधारित है. घर के निर्णयों और सामाजिक व्यवस्था में महिलाओं की बात को बहुत सम्मान दिया जाता है.

ग्रीनलैंड

संस्कृति और सामाजिक जीवन की बात करें तो ग्रीनलैंड की लड़कियाँ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहती हैं. इनुइट लोक संगीत और नृत्य के साथ ही पारंपरिक कथाएँ और मिथक भी शामिल हैं. सामुदायिक उत्सव में प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखती हैं. सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक के साथ भी वे अपनी पहचान बनाए रखती हैं. ब्यूटी प्रतियोगिताओं में भी बढ़-चढ़कर झंडा गाड़ती हैं.

ग्रीनलैंड

ग्रीनलैंडिक लड़कियों की चुनौतियाँ और महिला अधिकार भी हैं. हालाँकि ग्रीनलैंड में जेंडर इक्वैलिटी बेहतर मानी जाती हैं, फिर भी कुछ चुनौतियाँ हैं. मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ, सीमित रोजगार अवसर, छोटे समुदायों में सामाजिक दबाव का मुद्दा है. सरकार और सामाजिक संगठन इन मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. ग्रीनलैंडिक लड़कियों की पहचान बदल रही है. शिक्षा, रोजगार और संस्कृति के सहारे वे यह साबित कर रही हैं कि सीमाएँ हालात की होती हैं, सपनों की नहीं.

ग्रीनलैंड

आज की ग्रीनलैंड की लड़की शिक्षित और आत्मविश्वासी होने के साथ ही परंपरा और आधुनिकता में संतुलन रखने वाली होती हैं. स्थानीय पहचान के साथ ही वैश्विक सोच को अहमियत देती हैं. वे एक तरफ तो इंटरनेट और ग्लोबल कल्चर से जुड़ी हैं, तो दूसरी तरफ वे आज भी मछली पकड़ने और शिकार करने जैसी अपनी पारंपरिक जीवनशैली का सम्मान करती हैं. ग्रीनलैंड की लड़कियाँ बर्फ़ीली ज़मीन पर खड़ी होकर भी भविष्य की ओर बढ़ रही हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homeknowledge

ग्रीनलैंड की ये लड़कियाँ.. बर्फीली जमीन पर ब्यूटी विद ब्रेन का अनोखा संगम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी