साहित्य » समय के हिसाब से गिरगिटिया सहूर हजूर के हिसाब से कुछ रंग बदलना सीख

समय के हिसाब से गिरगिटिया सहूर हजूर के हिसाब से कुछ रंग बदलना सीख

Facebook
Twitter
WhatsApp

हौले हौले से कर आंखे बंद
ध्यान में कुछ लिखना सीख उसके बाद

साध कान को बांध आवाज को
व्यवधान में कुछ लिखना सीख उसके बाद

बंद कर मुंह दिल में गुनगुना राग सुन बिना आवाज
संधान में कुछ लिखना सीख उसके बाद

साधक हो जाएगा सधेगा खुद भी
बाधाओं के बाजार लगेंगे
बस तू थोड़ा सा कुछ बिकना सीख

सधी हुई लेखनी से सधा हुआ कुछ लिखा हुआ
सामने कागज पर उतर आएगा

भीड़ होगी मधुमक्खियों की तरह
जहर के पानदानों के विज्ञापनों में निखरना सीख

सम्मान मिलेगा अनुदान मिलेगा
जुटेंगे लोग मंच में बैठे सद्गुरुओं के मध्य स्थान मिलेगा
थोड़ा सा बस झपटना सीख

लिख दिया कर ‘उलूक’ उबकाइयां सभी
रोकना क्यों हैं उलटियां होने से पहले
संवेदनाएं कुछ लपकना सीख |

चित्र साभार: https://www.dreamstime.com/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी