साहित्य » पहुंचा कर महफ़िलों में बिना भूले कि प्रश्न पाठ्यक्रम से हटा दिए गए हैं

पहुंचा कर महफ़िलों में बिना भूले कि प्रश्न पाठ्यक्रम से हटा दिए गए हैं

Facebook
Twitter
WhatsApp

हां सही किया

देर से ही सही

इधर उधर देखना छोड़ दिया

और सीख लिया

नाक की सीध में चलना

नाक को ही बस देखते हुए

तुझे ज्ञान होना चाहिए

कि तेरा अस्तित्व तभी तक है

जब तक तेरी आंखें बंद हैं

जुबां सिली हुई है

और कानों में मैला जमा हुआ है

हां तेरे आने जाने में

कोई रोक टोक

कहीं भी नहीं है कभी भी नहीं है

बड़ी महफिलों में तो खासकर

पर वैधानिक चेतावनी के साथ

कि शर्तें लागू हैं

हां तू स्वतंत्र भी है

और 15 अगस्त भी

बस 5 ही दिन नजदीक है

सफेद कपड़े देख लेना

सिलवटें तो नहीं बची हैं

पिछले सालों की

आना है तुझे अनिवार्य रूप से

झंडारोहण देखने और सुनने भाषण

वो बात अलग है

तुझे रहना होगा वहां भी शशर्त

खबरदार

आदत डाल ले कि सब कुछ उत्तर होता है

प्रश्न पाठ्यक्रम से हटा दिए गए हैं

हां बकवास करने से

तुझे कोई नहीं रोक रहा है ‘उलूक’

वो भी शशर्त वैधानिक चेतावनी के साथ

कि पढ़ने के बाद कोई ये नहीं कह बैठे

समझ में आ गया है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी