कैसे होता है साइबर फ्रॉड? जानिए आम तरीकों को…
साइबर अपराधी आमतौर पर निम्नलिखित तरीकों से ठगी करते हैं:
– फर्जी रिवार्ड या इनाम का लालच देकर
– नकली निवेश स्कीम या क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड
– सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना
– फर्जी मोबाइल ऐप्स डाउनलोड कराना
– ऑनलाइन गेमिंग या लॉटरी का झांसा
– ओटीपी फ्रॉड या लिंक क्लिक करा कर डाटा चुराना
पीड़ितों को वापस दिलाई गई राशि:
– अश्विनी कुमार (लाल विहार कॉलोनी, बाराबंकी)- 8,70,000
– नवीन (कोतवाली नगर, बाराबंकी)- 1,55,000
– संजीव कुमार (करसंडी, बाराबंकी)- 2,21,578
– राहुल सिंह (भवानीपुर, लोनी कटरा)- 1,96,999
– अनिल कुमार (निमापुर, सफदरगंज)- 3,84,000
जनवरी 2025 से अब तक 80 लाख की रिकवरी
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक साइबर थाना व साइबर सेल की मदद से कुल 80,41,587 की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है. यह बाराबंकी जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
धनराशि की वापसी में प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार यादव के नेतृत्व में साइबर टीम का अहम योगदान रहा. टीम में शामिल उपनिरीक्षक मंजू पाल, पंकज श्रीवास्तव, जय प्रकाश पाण्डेय और अन्य स्टाफ की तकनीकी दक्षता और सतर्कता से यह कार्य सफल हो सका.
पुलिस अधीक्षक की अपील
एसपी अर्पित विजयवर्गी ने लोगों से अपील करते हुए कहा, ‘अगर आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या (http://www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें. याद रखें, जल्दी की गई सूचना ही आपके पैसे को बचा सकती है.





