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Supreme Court News | Supreme Court on POSH | POSH News | ब्लैकमेलिंग का हथियार… POSH पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सारे राजनीतिक दल हो जाएंगे खुश

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Agency:एजेंसियां

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Supreme Court on POSH: सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को POSH कानून के दायरे में लाने की याचिका खारिज की. अदालत ने कहा कि राजनीतिक दलों को इस कानून में शामिल करना ब्लैकमेल का हथियार बन सकता है. कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के 2022 के फैसले को भी बरकरार रखा.

ब्लैकमेलिंग का हथियार... POSH पर सुप्रीम फैसला, सारे राजनीतिक दल हो जाएंगे खुशसुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को POSH के दायरे में लाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसले में राजनीतिक दलों को यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (POSH), 2013 के दायरे में लाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि राजनीतिक दलों को इस कानून के दायरे में लाना ‘पैंडोरा बॉक्स यानी भानुमती का पिटारा खोलने जैसा होगा और ब्लैकमेल करने का हथियार बन सकता है.’

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह याचिका योगमाया जी की ओर से दायर की गई थी. वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने चीफ जस्टिस बीआर गवई की अगुवाई वाली पीठ के सामने दलील दी कि कई महिलाएं सक्रिय रूप से राजनीतिक दलों से जुड़ी हैं, लेकिन केवल सीपीएम ने बाहरी सदस्यों के साथ आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन किया है. उनके मुताबिक बाकी दलों की महिलाएं यौन उत्पीड़न के मामलों में उपचारविहीन रह जाती हैं.

याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि AAP अपनी समिति को लेकर पारदर्शिता नहीं बरतता, जबकि भाजपा और कांग्रेस ने खुद स्वीकार किया है कि उनके यहां ICC संरचना अधूरी है.

‘राजनीतिक दल कोई वर्क प्लेस नहीं’

हालांकि बेंच ने सवाल किया कि ‘राजनीतिक दलों को कार्यस्थल कैसे माना जा सकता है? कोई व्यक्ति दल से जुड़ता है तो वह रोजगार नहीं है. यह नौकरी नहीं है, क्योंकि लोग अपनी इच्छा से और बिना पारिश्रमिक के राजनीतिक दलों का हिस्सा बनते हैं. ऐसे में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने वाला कानून राजनीतिक दलों पर कैसे लागू किया जा सकता है?’

सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान 2022 के केरल हाईकोर्ट के फैसले को भी बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि कर्मचारी–नियोक्ता संबंध न होने पर राजनीतिक दलों पर ICC बनाने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है.

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Saad Omar

An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें

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