भारत » ‘असहिष्‍णुता काफी बढ़ गई है’, RSS चीफ मोहन भागवत बोले- लोगों में असंतोष बढ़ रहा, अपनेपन के लिए तरस रहे – mohan bhagwat say intolerance increased people more dissatisfied rashtriya swayamsevak sangh chief happy birthday

‘असहिष्‍णुता काफी बढ़ गई है’, RSS चीफ मोहन भागवत बोले- लोगों में असंतोष बढ़ रहा, अपनेपन के लिए तरस रहे – mohan bhagwat say intolerance increased people more dissatisfied rashtriya swayamsevak sangh chief happy birthday

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Mohan Bhagwat News: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत आज यानी गुरुवार 11 सितंबर 2025 को 75 साल के हो गए. वे 16 साल से भी ज्‍यादा समय से RSS के मुखिया हैं.

असहिष्‍णुता काफी बढ़ गई है, लोग अपनेपन के लिए तरस रहे- RSS चीफ मोहन भागवतRSS प्रमुख मोहन भागवत ने असहिष्‍णुता और लोगों में बढ़ रहे असंतोष पर बड़ी बात कही है. (फोटो: पीटीआई)
Mohan Bhagwat News: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के हर बयान को काफी गंभीरता से लिया जाता है. उसकी चर्चा भी खूब होती है. मोहन भागवत ने एक बार फिर से बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि असहिष्‍णुता काफी बढ़ गई है. लोगों में असंतोष भी बढ़ रहा है. RSS चीफ ने देव भक्ति और देशभक्ति पर भी अपनी बात रखी. साथ ही कहा कि विज्ञान और मानव ज्ञान के विकास के बावजूद संघर्ष अभी भी जारी है. बता दें कि मोहन भागवत गुरुवार 11 सितंबर 2025 को अपना 75वां जन्‍मदिन मना रहे हैं. वे 16 साल से भी ज्‍यादा समय से RSS के प्रमुख हैं.

नागपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, ‘देव भक्ति और देशभक्ति थोड़ा अलग-अलग दिखता है. इसलिए दो शब्द प्रयोग में लाते हैं,लेकिन वास्तविकता यह है हमारे देश भारत में ये दो अलग नहीं हैं, एक ही बात है. जो वास्तविक भक्ति करेगा वह देश की भी भक्ति करेगा. जो प्रमाणिकता से देशभक्ति करेगा उससे भगवान देव भक्ति भी करवा लेंगे. यह तर्क नहीं है, अनुभव है…ऐसा होता है.’ मोहन भागवत ने आगे कहा, ‘जीवन अपनेपन की भावना पर आधारित है और आज दुनिया इस अपनेपन के बंधनों के लिए तरस रही है. पिछले 2000 सालों से दुनिया एक अधूरे विचार पर आगे बढ़ी है. हम देखते हैं कि विज्ञान और मानव ज्ञान के विकास के बावजूद संघर्ष अभी भी जारी है. लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और असहिष्णुता भी काफी बढ़ गई है.’

संसार हमें शिक्षक कहे…

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने त्‍याग और कर्तव्‍य पर भी अपनी बात रखी. उन्‍होंने कहा, ‘शिव त्याग और सेवा के आदर्श हैं, लेकिन त्याग का अर्थ अपने कर्तव्यों को छोड़ देना नहीं है. जब कर्तव्य सामने आते हैं, तो उन्हें पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया जाता है. संसार में बहुत सी बातें होती रहती हैं, फिर भी वे किसी त्यागी व्यक्ति से चिपकती नहीं हैं. हम ऐसा कार्य नहीं करेंगे कि केवल एहसान जताने के लिए या दुनिया पर हावी होने के लिए नया मार्ग दिखाएं. संसार हमें शिक्षक कहे, लेकिन हम संसार को मित्र कहेंगे.’

मोहन भागवत का आज जन्‍मदिन

आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत गुरुवार को 75 वर्ष के हो गए. वे 16 साल से अधिक समय से संघ के प्रमुख हैं. महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में 11 सितंबर 1950 को जन्मे भागवत आरएसएस प्रमुख के कार्यकाल की अवधि के मामले में एमएस गोलवलकर और मधुकर दत्तात्रेय देवरस (बालासाहेब) के बाद तीसरे स्थान पर हैं. आरएसएस के तीसरे प्रमुख रहे बालासाहेब 20 से अधिक सालों तक शीर्ष पद पर रहे, जबकि दूसरे सरसंघचालक गोलवलकर ने 32 साल से अधिक समय तक संगठन का नेतृत्व किया.

मार्च 2009 में बने सरसंघचालक

भागवत ने लगभग 50 साल पहले आरएसएस के प्रचारक के रूप में काम करना शुरू किया और मार्च 2009 में इसके सरसंघचालक (प्रमुख) बने. उनके पिता मधुकरराव भागवत भी एक प्रचारक यानी एक पूर्णकालिक आरएसएस कार्यकर्ता थे. भागवत ने कुछ दिनों पहले कहा था, ‘संघ में स्वयंसेवकों को काम दिया जाता है, चाहें या न चाहें. हम वही करते हैं जो संघ हमें करने को कहता है.’ मोहन भागवत ने कहा था कि उन्होंने हाल ही में नागपुर में एक कार्यक्रम में दिवंगत आरएसएस नेता पिंगले की वाकपटुता जाहिर करने के लिए ही उनका हवाला दिया था.

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Manish Kumar

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