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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो के जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की टूटी मूर्ति को फिर से स्थापित करने की याचिका को ‘पब्लिसिटी इंटरेस्ट’ बताते हुए खारिज कर दिया.
सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो के जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की टूटती मूर्ति को फिर से लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने इसे “पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन” कहा और याचिका पर विचार नहीं करने का फैसला किया.
अदालत ने क्या कहा
मुख्य न्यायाधीश बी आर गावई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि यह मामला केवल “पब्लिसिटी इंटरेस्ट” का है. सीजेआई ने कहा, “अगर आप भगवान विष्णु के सच्चे भक्त हैं, तो खुद प्रार्थना करें और ध्यान करें. मूर्ति को लेकर अदालत से कुछ नहीं होने वाली.” याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि मूर्ति का सिर काफी टूट चुका है और इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) के अधिकार क्षेत्र में आता है. सीजेआई ने कहा, “यह एक पुरातात्विक खोज है. ASI को अनुमति देनी है या नहीं, इस पर कई तरह के मुद्दे हैं.”
सीजेआई ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा, “इसी बीच अगर आप शिवपूजा से परहेज़ नहीं करते, तो वहां जाकर शिवलिंग की पूजा कर सकते हैं. खजुराहो का यह सबसे बड़ा शिवलिंगों में से एक है.”
राकेश दलाल ने याचिका में कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और ASI को कई बार इस मामले में सूचित किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
New Delhi,Delhi
September 16, 2025, 19:26 IST





