भारत » एक हथिनी की कीमत एक करोड़ और वह अचानक गायब हो गई! महावत भी लापता, चिप से लोकेशन ढूंढने में लगी पलामू पुलिस

एक हथिनी की कीमत एक करोड़ और वह अचानक गायब हो गई! महावत भी लापता, चिप से लोकेशन ढूंढने में लगी पलामू पुलिस

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Palamu News: एक हथिनी, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है, महावत समेत बिना किसी सुराग के गायब हो गई है. बीते 11 सितंबर को जोरकट गांव के पास महावत ने हथिनी को छोड़ने के बाद जब लौटकर देखा तो दोनों गायब थे. अब सदर थाना पुलिस और वन विभाग ने चिप‑टैगिंग के सहारे हथिनी की खोज शुरू कर दी है.

एक करोड़ की हथिनी लापता, साथ में महावत भी गायब, चिप से लोकेशन पर पुलिस की नजरपलामू के मेदनीनगर से एक महावत हथिनी समेत गायब, सदर थाने में मालिक ने कराई प्राथमिकी दर्ज
पलामू/नीलकमल. एक तरफ एक अपने प्यारे जानवर की चोरी की वारदात हुई तो दूसरी तरफ परिवार और स्थानीय लोगों की बेचैनी दिख रही है. मामला पलामू जिले के सदर थाना क्षेत्र के जोरकट गांव का है. यहां बीते 11 सितंबर को एक हथिनी अपनी महावत समेत अचानक गायब हो गई. इसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है. मालिक नरेंद्र कुमार शुक्ला ने बाद में पुलिस को बताया कि 13 सितंबर को लौटकर देखा कि हथिनी और महावत दोनों लापता हैं. झारखंड के कई इलाकों में खोज करने के बाद भी कोई पता नहीं चल पाया. इसके बाद हथिनी की चोरी को लेकर सदर थाने में 12 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है. इस बीच पलामू पुलिस और वन विभाग ने हथिनी पर लगे चिप की जानकारी हासिल करते हुए लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश शुरू कर दी है.

जानवर के मालिक नरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि 11 अगस्त को उन्होंने अपनी हथिनी महावत को एक स्थान पर छोड़ दिया था. वह महावत कुछ समय के लिए हथिनी से अलग हुए, लेकिन जब वापस लौटे तो हथिनी और महावत दोनों गायब थे. हथिनी की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है. वहीं, जब हथिनी और महावत नहीं मिले तो शुक्ला ने 12 सितंबर को सदर थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करवाई है.

चिप‑टैगिंग से लोकेशन ट्रेस

सदर थाना प्रभारी लालजी ने वारदात की पुष्टि करते हुए बताया कि एफआईआर दर्ज हो गई है. इसके बाद पुलिस ने वन विभाग की टीम के साथ मिलकर हथिनी की खोज शुरू कर दी है. हथिनी की सुरक्षा के लिए उसमें पहले से एक चिप लगाई गई थी. मालिक ने इस चिप की जानकारी पुलिस और वन विभाग को दे दी है, ताकि उसके आधार पर लोकेशन ट्रेस किया जा सके. बता दें कि चिप‑टैगिंग ऐसी तकनीक है जो गायब जानवरों को खोजने में सहायक होती है.

हथिनी की खोज बड़ा टास्क

हथिनी के मालिक ने बताया कि उन्होंने झारखंड के कई इलाकों में हथिनी को खोजने की कोशिश की, लेकिन हथिनी या महावत का कोई सुराग नहीं मिला. जंगलों, रास्तों और आस-पास के इलाकों में तलाशी संभव है, लेकिन जंगलों की दुर्गमता और संभावित ट्रैकिंग की कमी मुश्किलें हैं. मालिक का कहना है कि हथिनी की चोरी सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं है; यह उनके परिवार की भावनात्मक क्षति भी है.

प्रशासनिक पहल और एक्शन

मालिक का कहना है कि हथिनी किसी सामान्य जानवर से अलग है- वह विश्वास, मेहनत और जीवन की एक हिस्सा थी. साथ ही उसकी अनुपस्थिति से गांव और आस-पड़ोस के लोग भी चिंतित हैं. पुलिस और वन विभाग ने मिलकर जांच दल गठित कर लिया है. चिप के आधार पर लोकेशन ट्रेस हो रहा है और आस-पड़ोस के इलाकों में पूछताछ की जा रही है. यह देखने वाली बात होगी कि हथिनी और महावत कहां पाए जाएंगे और चोरी किस स्तर की है.

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Vijay jha

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें

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