मनोरंजन » कहां खो गए होली गीत गाने वाले ये गायक, जिनकी आवाज के बिना अधूरा था ये त्योहार, 1 तो ब्लॉकबस्टर देकर है गायब

कहां खो गए होली गीत गाने वाले ये गायक, जिनकी आवाज के बिना अधूरा था ये त्योहार, 1 तो ब्लॉकबस्टर देकर है गायब

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होली आते ही जिन आवाजों पर कभी पूरा देश झूम उठता था, आज वही गायक धीरे-धीरे लाइमलाइट से दूर होते जा रहे हैं. एक दौर था जब इनके गाए फाग और होली स्पेशल गीत हर गली में गूंजते थे, लेकिन बदलते संगीत ट्रेंड के बीच ये नाम अब कम ही चर्चा में आते हैं. फिर भी, इनकी आवाज के बिना असली देसी होली की कल्पना आज भी अधूरी सी लगती है.

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कहां खो गए होली गीत गाने वाले ये गायक, जिनकी आवाज के बिना अधूरा था ये त्योहारZoom

गाने को अब तक नहीं भूल पाए लोग

नई दिल्ली. होली का त्योहार हो, होली के गानों के बिना इसका जश्न मनाया जाए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. अब तक होली के कई ऐसे गीत आ चुके हैं, जो होली के जश्न का मजा दोगुना कर देते हैं. इन गीतों को आवाज देने वाले सभी गायकों की आवाज ने कभी होली के रंग को और गाढ़ा किया था. आज भले ही नए गानों का दौर हो, लेकिन पारंपरिक फाग और देसी होली की बात हो, तो इनकी आवाजें अब भी याद की जाती हैं.

इनमें पहला नाम है, अनुप जलोटा, भजन सम्राट के नाम से मशहूर अनुप जलोटा ने कई पारंपरिक और भक्ति रंग वाले होली गीत गाए. उनके फाग और होली भजन एक समय रेडियो और कैसेट्स पर खूब बजते थे. आज भी सक्रिय हैं, लेकिन पहले जैसी मुख्यधारा की लोकप्रियता नहीं रही. उ्न्होंने होली गीत रंग डार गई रे गोरिया आज भी लोग सुनते हैं.

गुमनाम हुए ये जाने मानें सिंगर

मालिनी अवस्थीने कभी अवधी और भोजपुरी फाग गीतों को नई पहचान दी. उनके गाए पारंपरिक होली गीत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में खूब गूंजते हैं. हालांकि शास्त्रीय और लोक मंचों पर सक्रिय हैं, लेकिन फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से दूर हैं.कल्पना पटवारी भी भोजपुरी और लोक संगीत की जानी-मानी आवाज कल्पना पटवारी ने कई होली स्पेशल गाने गाए. कभी इनके गाने त्योहारों में खूब बजते थे, लेकिन अब सीमित दर्शक वर्ग तक सिमट गए हैं.विनोद राठौड़ ने 90 के दशक में अपनी अलग पहचान बनाई थी.विनोद ने भी होली से जुड़े कई गीत गाए. आज भी म्यूजिक इवेंट्स में नजर आते हैं, मगर पहले जैसी स्टारडम वाली स्थिति नहीं है. देवेंद्र पाठक ने भक्ति और पारंपरिक होली गीतों को अपनी आवाज दी. धार्मिक आयोजनों में उनके गीत आज भी बजते हैं, लेकिन मुख्यधारा की मीडिया में कम दिखाई देते हैं.

1 तो ब्लॉकबस्टर गाना देकर हैं गुमनाम

रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘ये जवानी है दीवानी’ के गाने बलम पिचकारी को तो आज भी नहीं भूल पाए हैं. इस गाने के बिना होली का त्योहार भी अधूरा सा लगता है. इस गाने को आवाज शाल्मली मेहता खौलगड़े ने दी थी. फिल्म कमाई के मामले में भी छा गई थी. फिल्म का ये गाना भी काफी पसंद किया गया था. लेकिन इस ब्लॉकबस्टर गाने के बाद भी सिंगर शाल्मली आज गुमनाम हैं, कहीं उनका ज्यादा नाम नहीं सुना जाता है. न ही वह काफी से कहीं नजर आई हैं.

बता दें ये गायक भले ही आज कहीं नजर न आते हों, लेकिन इनके गाए गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं. खासतौर पर बलम पिचकारी जैसा ब्लॉकबस्टर देने वाली शाल्मली हाल के सालों में बाकी फिल्मी सिंगर्स की तुलना में कहीं नजर ही नहीं आ रही हैं. शायद इसका एक कारण यह भी है कि बॉलीवुड में ‘डांस/एचडीबीसी गीतों’ के ट्रेंड में अब बदलाव आ गया है, और नई लहर के सिंगर्स ने भी अपनी जगह बना ली है.

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Munish Kumar

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें

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