भारत » दिल्ली में ये हैं सरकारी अस्पताल, जहां निशुल्क करा सकते हैं आईवीएफ free ivf facility in government hospitals in delhi

दिल्ली में ये हैं सरकारी अस्पताल, जहां निशुल्क करा सकते हैं आईवीएफ free ivf facility in government hospitals in delhi

Facebook
Twitter
WhatsApp

Last Updated:

आईवीएफ की सुव‍िधा द‍िल्‍ली के 4 सरकारी अस्‍पतालों में भी है. हालांक‍ि न‍िशुल्‍क आईवीएफ कराने वाले इन अस्‍पतालों में काफी भीड़ भी रहती है. ये अस्‍पताल हैं एम्‍स, सफदरजंग, एलएनजेपी और ईएसआई अस्‍पताल द‍िल्‍ली.

दिल्ली में ये हैं सरकारी अस्पताल, जहां निशुल्क करा सकते हैं आईवीएफद‍िल्‍ली के इन अस्‍पतालों में है फ्री आईवीएफ की सुव‍िधा.
Free IVF facility Government Hospitals in Delhi:  मां-पिता बनने का सपना वैसे तो हर दंपत्ति का होता है लेकिन कई बार कुछ कारणों से बहुत सारे लोग ये सुख नहीं ले पाते. हालांकि आईवीएफ तकनीक ऐसे लोगों के लिए एक वरदान की तरह आई है क्योंकि इसकी मदद से बहुत सारे लोग पेरेंट्स बन पाते हैं. लेकिन सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब बेहद महंगी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन की इस सुविधा के लिए लोगों को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं. ऐसे में लोग अक्सर ही ये जानना चाहते हैं कि क्या सरकारी अस्पतालों में भी ये सुविधा मिलती है?

आपको बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आजकल सरकारी अस्पतालों में भी ये सुविधा मिलती है, हालांकि सभी अस्पतालों में नहीं है, बल्कि कुछ चुनिंदा अस्पतालों में ही है. राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां चार बड़े सरकारी अस्पतालों में आईवीएफ फैशिलिटी मौजूद है, जहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं इलाज के लिए पहुंचती हैं.
पहला है एम्स नई दिल्ली

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली में आईवीएफ की सुविधा उपलब्ध है. एम्स के मदर्स एंड चाइल्ड ब्लॉक में बना ये सेंटर अपनी क्वालिटी केयर के लिए देशभर में जाना जाता है. यहां आईवीएफ से सैकड़ों महिलाएं मां बन चुकी हैं. यहां रोजाना आईवीएफ ओपीडी चलती है. साथ ही लगातार शोध और रिसर्च भी जारी रहता है. एम्स में अभी तक आईवीएफ सुविधा पर 50 से ज्यादा रिसर्च पेपर पब्लिश हो चुके हैं. यह सेंटर आईवीएफ से जुड़ी कई अन्य सुविधाएं जैसे गैमेट इंट्रा फैलोपियन ट्रांसफर, इंट्रा साइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन, इंट्रोयूटेरियन इनसेमिनेशन और एग फ्रीजिंग जैसी सुविधा भी देता है.

दिल्ली सरकार का एलएनजेपी
दिल्ली सरकार के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भी आईवीएफ की सुविधा है. यहां हर सोमवार को विशेष क्लीनिक के माध्यम से दोपहर एक बजे से दो बजे के बीच आईवीएफ क्लीनिक लगाया जाता है. ओपीडी का कार्ड बनने के बाद दूसरे फ्लोर पर स्त्री रोग विभाग में कमरा नंबर 2009, 2010, 2013 और 2014 में विशेष डॉक्टर की निगरानी में आईवीएफ प्रक्रिया की जाती है. यहां कोई शुल्क नहीं लगता है. यहां आईवीएफ के माध्यम से संतानसुख प्राप्त करने वाले दंपतियों की काउंसलिंग और उनकी लाइफस्टाइल को ठीक करने की भी जानकारी दी जाती है.

सफदरजंग अस्पताल
भारत सरकार के दिल्ली में सबसे बड़े अस्पतालों में से एक सफदरजंग अस्पताल में भी आईवीएफ की सुविधा है. यहां सबसे पहले 2023 में आईवीएफ से पहले बच्चे का जन्म हुआ था. यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में दिखाने आने वाली महिलाएं जब कंसीव नहीं कर पाती हैं तो उन्हें उनकी इच्छानुसार आईवीएफ सेंटर में इलाज के लिए भेजा जाता है. यहां भी आईवीएफ की सभी सुविधाएं निशुल्क हैं.

ईएसआई अस्पताल में सेंटर
इसके अलावा दिल्ली के एक ईएसआई अस्पताल में भी आईवीएफ की सुविधा उपलब्ध है, ईएसआई अस्पताल बसई दारापुर में वर्ष 2019 में आईवीएफ सेंटर की शुरूआत की गई. ईएसआई यानि राज्य कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निम्न मध्यम वर्ग के कर्मचारियों के स्वास्थ्य की देखभाल की जाती है. आईसीएमआर की गाइडलाइन को मानते हुए इस सेंटर पर आईवीएफ सुविधा दी जाती है.

authorimg

priya gautamSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

दिल्ली में ये हैं सरकारी अस्पताल, जहां निशुल्क करा सकते हैं आईवीएफ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी