Agency:एजेंसियां
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NGC 3783 गैलेक्सी के बड़े ब्लैक होल में अचानक तेज बदलाव दिखा. पहले एक तेज X-रे चमक दिखी और उसके तुरंत बाद ब्लैक होल ने बेहद तेज हवा बाहर फेंकी, जिसकी रफ्तार लाइट की स्पीड के करीब एक-पांचवा हिस्सा थी. वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसी तेज हवा पहली बार इतनी साफ तरह से देखी गई है.
प्रतीकात्मक तस्वीरवैज्ञानिकों ने एक ऐसी घटना देखी है जिसने उन्हें भी चौंका दिया है. NGC 3783 नाम की एक गैलेक्सी में मौजूद एक बहुत बड़ा ब्लैक होल अचानक इतनी तेज हवा छोड़ता दिखा कि उसकी रफ्तार लाइट की स्पीड के लगभग एक पांचवे हिस्से जितनी थी. यह गति करीब 60,000 किलोमीटर प्रति सेकंड बताई गई है. यह किसी भी सामान्य खगोलीय घटना से कई गुना ज़्यादा तेज है.
कैसे पता चला कि ब्लैक होल ने हवा छोड़ी
खगोलविद दो बड़े X-रे टेलीस्कोप- XMM-Newton और XRISM- की मदद से इस ब्लैक होल पर नज़र रख रहे थे. उन्होंने देखा कि पहले ब्लैक होल से अचानक एक तेज X-रे चमक निकली. यह चमक कुछ ही समय में कम हो गई.
जैसे ही चमक कम हुई, उसी समय ब्लैक होल से हवा जैसे बाहर निकली. यह हवा कोई आम हवा नहीं थी, बल्कि गैस का एक बहुत तेज़ और गर्म बहाव था. वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं देखा कि चमक खत्म होते ही ब्लैक होल इतनी तेज़ हवा छोड़ दे.
ब्लैक होल ऐसा क्यों करते हैं
ब्लैक होल के आसपास एक घूमता हुआ गैस का चक्र होता है. जब इसमें हलचल होती है या चुंबकीय ताकतों में गड़बड़ी आती है तो अचानक गैस बाहर फेंकी जा सकती है. वैज्ञानिक इसे हमारे सूरज से निकलने वाली सौर-हवा जैसा बताते हैं, बस फर्क इतना है कि ब्लैक होल की ताकत करोड़ों गुना ज्यादा होती है.
इस घटना से ये साफ होता है कि ब्लैक होल सिर्फ चीजें निगलने वाली ‘खाई’ नहीं हैं. कभी-कभी वे इतनी शक्तिशाली ऊर्जा छोड़ते हैं कि उनके आसपास का इलाका ही बदल जाता है.
इस खोज का मतलब क्या है
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसी तेज हवा से आकाशगंगा की गैस दूर तक उड़ सकती है. अगर गैस कम हो जाए, तो नई तारों (स्टार्स) के बनने की प्रक्रिया भी रुक सकती है.
इससे पता चलता है कि ब्लैक होल अपनी आकाशगंगा के विकास को प्रभावित कर सकते हैं — कभी उसे धीमा कर देते हैं, कभी उसकी दिशा ही बदल देते हैं.
आगे क्या पता लगाया जाएगा
वैज्ञानिक अब देखना चाहते हैं कि क्या यह घटना सिर्फ इस ब्लैक होल में हुई है या दूसरे ब्लैक होल भी ऐसे तेज हवाएं छोड़ते हैं. अगर ऐसा कई जगह होता है, तो हमें पूरी तरह से नए तरीके से समझना पड़ेगा कि आकाशगंगाएँ कैसे बनती और बदलती हैं.
New Delhi,Delhi
December 09, 2025, 15:26 IST





