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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दे दी है. दोनों पर शूटर्स को बोलेरो गाड़ी मुहैया कराने और लॉरेंस बिश्नोई गैंग की मदद करने का आरोप था. इससे पहले, मानसा की लोकल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन अब शीर्ष अदालत से उन्हें राहत मिल गई है. 29 मई 2022 को हुई मूसेवाला की हत्या के बाद से ही ये आरोपी जेल में थे. इस हाई-प्रोफाइल मामले में जमानत का यह फैसला कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है.

गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है.
नई दिल्ली: पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस केस के दो आरोपियों पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दे दी है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों को बड़ी राहत दी. साल 2022 में हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या ने झकझोर कर रख दिया था. पवन और जगतार पर आरोप था कि उन्होंने हत्या को अंजाम देने वाले शूटर्स को बोलेरो गाड़ी मुहैया कराई थी. चार्जशीट में इन दोनों के नाम सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग और गोल्डी बराड़ से जुड़े बताए गए थे, जिसके बाद से ही ये सलाखों के पीछे थे.
दोनों आरोपियों ने निचली अदालतों में जमानत के लिए काफी चक्कर काटे थे. साल 2023 में मानसा की लोकल कोर्ट ने यह कहते हुए उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी कि हत्या की साजिश में शामिल होना एक बेहद गंभीर और घिनौना अपराध है. उस वक्त पवन बिश्नोई ने खुद को बेकसूर बताया था और दावा किया था कि पुलिस उन्हें जबरन इस केस में फंसा रही है और उन्होंने किसी को कोई गाड़ी नहीं दी. हालांकि, सरकारी पक्ष के कड़े विरोध के कारण उन्हें तब राहत नहीं मिल पाई थी, लेकिन अब देश की सबसे बड़ी अदालत से उन्हें जमानत मिल चुकी है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल केस में नया मोड़ आ गया है.
29 मई 2022 को हुई थी हत्या
सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को हुई थी, जब वे अपनी थार गाड़ी से घर से निकले थे और हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं. लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस मर्डर की जिम्मेदारी लेते हुए इसे विक्की मिड्डूखेड़ा की मौत का बदला बताया था. पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि विक्की की हत्या करने वाले शूटर्स को सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत ने रुकने में मदद की थी, जिसके बाद से सिद्धू गैंग के निशाने पर आ गए थे. इस हत्याकांड में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और अब पवन व जगतार को जमानत मिलना पीड़ित परिवार और पुलिस की जांच प्रक्रिया के लिए एक अहम घटनाक्रम है.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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March 12, 2026, 18:50 IST





