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Silent Generation से Gen Z तक, अब Gen Alpha की बारी, पीढ़ी दर पीढ़ी ‘माइंड चेंज’ ने हमेशा लिखी बदलाव की कहानी

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What is Generation Change : आजकल खबरों में प्राय: ‘Gen Z आंदोलन’ का नाम सुनने को मिलता है. कहा जाता है कि ये नये जामाने की नई पीढ़ी के लोग हैं जो बेहद प्रतिक्रियावादी यानी रिएक्शनरी (Extremely reactionary) होते हैं. हाल में ही नेपाल में सत्ता परिवर्तन कर देने वाली ताकत के रूप में अपनी पहचान लेकर आए हैं. ऐसे में सवाल यह है कि आखिर ‘Gen-Z’ के वास्तविक मायने क्या हैं? इसका मतलब क्या होता है? यह आंदोलन कौन चलाता है और कैसे काम करता है? ‘Gen-Z’ के अतिरिक्त भी कोई पीढ़ी की चर्चा होती है, क्या इसके बाद भी कोई नई पीढ़ी तैयार हो रही है? आइये इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं.

Silent Gen से Gen Z तक,अब Gen Alpha की बारी, माइंड चेंज ने लिखी बदलाव की कहानीGen Z से Generation Alpha तक डिजिटल दुनिया की नई ताकतें और उनका असर (AI जेनरेटेड तस्वीर)
पटना. ‘जेन-जी प्रोटेस्ट’ या ‘जेन-जी रिवॉल्यूशन’… नेपाल में यह आंदोलन 4 सितंबर 2025 को तब शुरू हुआ जब सरकार ने फेसबुक, यूट्यूब, एक्स, व्हाट्सएप समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया. नेपाल के युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना और सड़क पर उतर आए. इसी दौरान बड़ा मुद्दा नेपो किड्स का भी उभर आया और आंदोलन का असल मुद्दा नेपाल में भ्रष्टाचार और नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) का बन गया. इसको लेकर #NepoBaby और #NepoKids हैशटैग से नेताओं के बच्चों की फिजूलखर्ची उजागर की जाने लगी. विरोध तेज हुआ तो आंदोलन उग्र हो उठा और काठमांडू में युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन संसद भवन पर हमले में बदल गए. पुलिस की गोलीबारी से 20 से अधिक मौतें और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए. इसके प्रभाव से प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 9 सितंबर को इस्तीफा देना पड़ गया. अब जब नेपाल में अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है तो ‘जेन-जी’ नेपाल की राजनीति को बदलने वाली ताकत के तौर पर स्थापित हो चुकी है. अब नेपाल का ‘Gen-Z आंदोलन’ चर्चित हो चुका है, लेकिन बहुत लोग यह नहीं जानते हैं कि आखिर यह ‘Gen Z’ क्या है? इसका मतलब क्या होता है? यह आंदोलन कैसे काम करता है?

नई पीढ़ी का उदय और नेपाल में बदलाव की कहानी

दरअसल, जेन-जी आंदोलन बिना किसी औपचारिक लीडरशिप के चलाया गया सत्ता विरोधी मूवमेंट कहा जा रहा है. इसके पीछे स्वयंसेवी (एनजीओ) संस्थाओं का हाथ माना जा रहा है जो नेपाल की 10 साल पुरानी राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ थे. इसको लेकर जब दबाव बढ़ा तो केपी शर्मा ओली को नेपाल के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया गया. जेन-जी आंदोलन के बाद नेपाल में राजनीतिक संकट को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सत्ता में बदलाव तो हो चुका है पर क्या व्यवस्था परिवर्तन की ओर भी नेपाल बढ़ता दिख रहा है?

समय के साथ बदलती सोच और युवा क्रांति

जानकारों की नजर में नेपाल का भविष्य अब इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार और राजनीतिक दल युवाओं की मांगों को कैसे पूरा करते हैं और देश को स्थिरता की ओर ले जाते हैं. जानकारों बताते हैं कि यह पीढ़ी (Gen-Z) वैश्विक स्तर पर बदलाव लाने का माद्दा रखती है, बशर्ते सरकारें उनकी मांगों को सुने और इस पर अमल करे. लेकिन, इसके साथ ही ‘जेन-जी’ को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं और इसकी आड़ में हिंसा और अराजकता चिंता का विषय बन चुका है. लेकिन, आइये पहले हम यह समझें कि आखिर यह Gen-Z होता क्या है?

हर जमाने की अलग पीढ़ियां और उनकी आवाज

जानकार बताते हैं कि Gen-Z का पूरा नाम है ‘Generation Z’, यानी जमाने की वह पीढ़ी जिनका जन्म लगभग 1997 से 2012 के बीच हुआ है. ये वो युवा हैं जो डिजिटल युग के बच्चे कहलाते हैं. इनकी दुनिया इंटरनेट, सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के इर्द-गिर्द घूमती है. इन्हें ‘डिजिटल नेटिव्स’ भी कहा जाता है, क्योंकि इन्हें तकनीक इस्तेमाल करना जन्मजात आता है. मगर अब सवाल यह भी कि यह तो नई पीढ़ी की बात हुई, लेकिन अन्य पीढ़ियों को किन नामों से जाना जाता है? तो आइये इसके बारे में भी जानते हैं.

जानकार बताते हैं कि आधुनिक दौर में आमतौर पर मानव समाज को अलग-अलग पीढ़ियों यानी Generations में बांटा जाता है, ताकि उनकी सोच, आदतों और जीवनशैली को समझा जा सके. मुख्य रूप से ये 6 से 7 पीढ़ियां मानी जाती हैं जिसकी डिटेल आगे है.

प्रमुख जनरेशन (पीढ़ियां) और उनकी जन्म अवधि

पीढ़ी का नाम जन्म अवधि (लगभग) विशेषता/परिचय
जनरेशन साइलेंट
Silent Generation
1928 – 1945
युद्ध के बाद की पीढ़ी
मेहनती और अनुशासित
बूमर जनरेशन
Baby Boomers
1946 – 1964
युद्ध के बाद की संकल्पित पीढ़ी
युद्ध के बाद जनसंख्या विस्फोट वाला जेनरेशन
जनरेशन एक्स
Generation X
1965 – 1980
तकनीक और टीवी के साथ बड़े हुए
स्वतंत्रता पसंद जेनरेशन
जनरेशन वाई/मिलेनियल्स Generation Y/Millennials 1981 – 1996
इंटरनेट के शुरुआती युग के बच्चे
टेक्नोलॉजी से जुड़ने वाली पीढ़ी
जनरेशन जेड
Generation Z जिन्हें Gen-Z कहते हैं
1997 – 2012
पूरी तरह डिजिटल नेटिव
स्मार्टफोन और सोशल मीडिया से जुड़ी हुई पीढ़ी
जनरेशन अल्फा
Generation Alpha
2013 से वर्तमान युग की किशोर/युवावस्था की ओर बढ़ती पीढ़ी मोबाइल और AI युग में जन्मे बच्चे, वर्तमान पीढ़ी

ऐसे बदल रही है युवा सोच, राजनीति और क्रांति

माना यह भी जाता है कि यह पीढ़ी अपनी सोच में बहुत आगे है. ये शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को लेकर बहुत जागरूक और संवेदनशील होते हैं. जब उन्हें लगता है कि उनकी बात सुनी नहीं जा रही या उनके अधिकारों का हनन हो रहा है तो वे आंदोलन कर अपनी मांगें मनवाने की कोशिश करते हैं. ये अपने अधिकारों और अपनी बात को सोशल मीडिया के जरिए तेजी से फैला देने में माहिर हैं. जेन-जी की खासियत यह है कि ये सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी जागरूक हैं. नेपाल में चल रहे Gen Z आंदोलन में भी इन्हीं युवाओं ने अपनी आवाज उठाई.

सोशल मीडिया से निकलती आवाज, नई पीढ़ी नया जुनून

दरअसल, सोशल मीडिया के ज़रिए ये आंदोलन तेजी से फैलता है और युवा इसे बड़ी संख्या में समर्थन देते हैं. यानी Gen Z वह नई पीढ़ी है जो अपनी बात दुनिया को बताने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करती है और समाज में बदलाव लाने के लिए सक्रिय रहती है. लेकिन, अब दौर अल्फा जेनरेशन (Generation Alpha) का आ गया है. यह वो पीढ़ी है जिनका जन्म वर्ष 2013 के बाद हुआ है. इन्हें आप वर्तमान मोबाइल और AI युग में जन्मे बच्चे कह सकते हैं. नेपाल के आंदोलन में जिस तरह से किशोर उम्र के बच्चों ने हिस्सा लिया और सत्ता पलट करने में अपना योगदान दिया यह Generation Alpha का दौर आने का भी स्पष्ट संदेश और संकेत है.

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Vijay jha

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें

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