अमेजन के जंगलों में रहने वाला एनाकोंडा दुनिया के सबसे भारी और ताकतवर सांपों में गिना जाता है. अब वैज्ञानिकों ने इसके बारे में एक नई और बेहद अहम खोज की है. साल 2024 में यह साफ हुआ कि जिसे हम अब तक एक ही ग्रीन एनाकोंडा समझते थे, वह असल में दो अलग प्रजातियां हैं. यह खोज इक्वाडोर के अमेजन इलाके में हुई. साल 2022 में वैज्ञानिक वहां एनाकोंडा के डीएनए यानी जीन की जांच कर रहे थे. उसी दौरान जंगल में एक बहुत बड़ी मादा एनाकोंडा मिली, जिसे पहली बार कैमरे में रिकॉर्ड किया गया. यह वीडियो नेशनल जियोग्राफिक की डॉक्यूमेंट्री में दिखाया जाएगा, जिसमें अभिनेता विल स्मिथ भी शामिल हैं.
कौन सा नया एनाकोंडा मिला है?
लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में दिखता है कि वैज्ञानिक ब्रायन फ्राई (Bryan Fry) स्थानीय वाओरानी आदिवासियों के साथ नदी के किनारे पहुंचते हैं. वहां एक 16 से 17 फीट लंबी मादा एनाकोंडा नजर आती है. एनाकोंडा जहरीली नहीं होती, लेकिन यह अपने शरीर से शिकार को कसकर जकड़ लेती है, जिससे शिकार की सांस बंद हो जाती है. इसलिए इसका पास जाना भी खतरनाक होता है. वैज्ञानिकों ने एनाकोंडा की त्वचा से बहुत छोटा सा टुकड़ा लिया. इसी नमूने और दूसरे सैंपल्स की जांच से पता चला कि ग्रीन एनाकोंडा दो अलग प्रजातियों में बंटी है. पहली दक्षिणी ग्रीन एनाकोंडा और दूसरी उत्तरी ग्रीन एनाकोंडा, जो अब नई प्रजाति के तौर पर पहचानी गई है.
एक करोड़ साल पहले सांपों में आ गया बदलाव
आसान शब्दों में कहें तो इन दोनों का रिश्ता करीब एक करोड़ साल पहले अलग हो गया था. इतने लंबे समय में इनके डीएनए में करीब 5.5 फीसदी का फर्क आ चुका है. तुलना के लिए, इंसान और बंदर के डीएनए में फर्क सिर्फ करीब 2 फीसदी होता है. इससे समझ आता है कि यह खोज कितनी बड़ी है.
ये एनाकोंडा कहां पाए जाते हैं?
उत्तरी ग्रीन एनाकोंडा अमेजन के उत्तरी हिस्से में पाई जाती है, जैसे इक्वाडोर, कोलंबिया, वेनेजुएला और आसपास के देश. वहीं दक्षिणी ग्रीन एनाकोंडा ब्राजील और पेरू जैसे दक्षिणी इलाकों में रहती है. दोनों ज्यादातर समय पानी में रहती हैं और हरे रंग की वजह से आसानी से छिप जाती हैं.
एनाकोंडा का कितना वजन होता है?
एक और दिलचस्प बात यह है कि मादा उत्तरी ग्रीन एनाकोंडा सबसे बड़ी और भारी होती है. कुछ का वजन 250 किलो से भी ज्यादा हो सकता है. नर और मादा अलग अलग तरह का खाना खाते हैं.
- मादा हिरण जैसे जानवर खाती है
- नर मगरमच्छ और बड़ी शिकारी मछलियां खाता है
वैज्ञानिकों को अपनी रिसर्च में क्या मिला?
यहीं से यह खोज इंसानों के लिए भी जरूरी हो जाती है. वैज्ञानिकों ने पाया कि नर एनाकोंडा के शरीर में जहरीली धातुएं, जैसे सीसा और कैडमियम, बहुत ज्यादा जमा हो रही हैं. ये वही जहरीले तत्व हैं जो तेल रिसाव और प्रदूषण से पानी में आते हैं. क्योंकि अमेजन में रहने वाले लोग भी वही मछलियां खाते हैं जो नर एनाकोंडा खाता है, इसलिए यह सांप इंसानों के स्वास्थ्य का संकेत बन जाता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक नर एनाकोंडा में ये जहरीले तत्व मादा की तुलना में 1000 फीसदी ज्यादा पाए गए हैं. यह एक साफ चेतावनी है कि पर्यावरण में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है.
वैज्ञानिकों ने बनाई नई डाइट
इसी वजह से वैज्ञानिक अब वाओरानी समुदाय के लिए एक खास फूड गाइड बना रहे हैं. इसमें सलाह दी जाएगी कि गर्भवती महिलाएं और बच्चे बड़ी शिकारी मछलियों और ऊपरी स्तर के जानवरों से दूरी बनाए रखें, क्योंकि उनमें जहर ज्यादा जमा होता है.





