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Canada Doctors PR: कनाडा ने 2026 से विदेशी डॉक्टरों के लिए नया एक्सप्रेस एंट्री रूट शुरू करने का ऐलान किया है. अब जिन डॉक्टरों के पास एक साल का कनाडाई अनुभव है, उन्हें तेज PR मिलेगी. सरकार 5,000 खास सीटें भी दे रही है और वर्क परमिट की प्रोसेसिंग सिर्फ 14 दिन में होगी.

अगर आप डॉक्टर हैं तो कनाडा जाने का रास्ता साफ हो सकता है. कनाडा सरकार ने दुनिया भर के डॉक्टरों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. अब ऐसे विदेशी डॉक्टर, जो कनाडा में काम कर रहे हैं, उन्हें सीधे पर्मानेंट रेसीडेंसी (PR) का आसान और तेज रास्ता दिया जाएगा. दरअसल कनाडा में हेल्थ केयर सिस्टम लंबे समय से भारी दबाव में है. अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी इतनी बढ़ गई है कि कई जगह मरीजों को महीनों इंतजार करना पड़ रहा है. सरकार ने घोषणा की है कि 2026 की शुरुआत से एक नई एक्सप्रेस एंट्री की कैटेगरी शुरू होगी.
क्यों शुरू की गई ये कैटेगरी?
इस कैटेगरी का उद्देश्य है कि जो डॉक्टर पहले से कनाडा में मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उन्हें अस्थायी वीजा पर रखने के बजाय सीधे PR दिया जाए, ताकि हेल्थ सिस्टम स्थिर रह सके. नई कैटेगरी को समझना मुश्किल नहीं है. इस नई कैटेगरी को समझना आसान है. कनाडा कह रहा है कि अगर कोई डॉक्टर पिछले तीन साल में कम से कम एक साल (12 महीने फुल-टाइम या उसके बराबर पार्ट-टाइम) कनाडा में काम कर चुका है, और वह जनरल फिजिशियन, फैमिली डॉक्टर, सर्जन या लैब और क्लिनिकल मेडिसिन स्पेशलिस्ट जैसे जरूरी क्षेत्रों में है, तो वह सीधे PR के लिए अप्लाई कर सकता है. इसका मतलब यह है कि जिन डॉक्टरों ने कनाडा की हेल्थ सर्विस में योगदान दिया है, उन्हें अब लंबी वीजा प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा.
5000 सीटें सिर्फ डॉक्टरों के लिए
सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. कनाडा अब 5,000 खास PR सीटें सिर्फ डॉक्टरों के लिए रिजर्व करेगा. इन सीटों पर प्रांत (प्रोविंस) अपनी जरूरत के हिसाब से डॉक्टरों को जॉब ऑफर देकर नॉमिनेट करेंगे. अच्छी बात ये है कि नॉमिनेशन मिलते ही डॉक्टरों को सिर्फ 14 दिन में वर्क परमिट मिल जाएगा, ताकि इंतजार के दौरान भी वे अस्पतालों में काम जारी रख सकें.अभी तक विदेशी डॉक्टर क्यों नहीं आते थे कनाडा?
अभी तक विदेशी डॉक्टर क्यों नहीं आते थे कनाडा?
कनाडा इस फैसले को सिर्फ हेल्थ सिस्टम मजबूत करने के लिए नहीं, बल्कि पूरी आबादी को बेहतर और समय पर इलाज देने के लिए जरूरी मानता है. कोरोना महामारी के बाद कई देश समझ चुके हैं कि डॉक्टरों और नर्सों की कमी किसी भी देश की सबसे बड़ी कमजोरी हो सकती है. कनेडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह बदलाव डॉक्टरों को कनाडा में टिकने और लंबे समय तक स्वास्थ्य सेवा का हिस्सा बने रहने का भरोसा देगा. अभी तक कई विदेशी डॉक्टर इसलिए कनाडा नहीं आते थे, क्योंकि PR का रास्ता लंबा और अनिश्चित था. नया नियम इस समस्या को खत्म कर देगा.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
December 10, 2025, 14:53 IST





