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Disha Patani House Firing: हरियाणा पुलिस क्यों ‘क्रेडिट’ लेने में लगी है एनकाउंटर का? खुद को बता रही ऑपरेशन का मास्टरमाइंड

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Disha Patani House Firing Case: बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर हुई फायरिंग के मामले में वांछित दोनों शूटरों को गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में मुठभेड़ में मार गिराया गया. यूपी STF, दिल्ली पुलिस और हरियाणा STF की संयुक्त कार्रवाई में दोनों गैंगस्टर ढेर हुए, लेकिन अब इस एनकाउंटर को लेकर ‘क्रेडिट वॉर’ छिड़ गई है.

हरियाणा पुलिस क्यों 'क्रेडिट' लेने में लगी है एनकाउंटर का?
Disha Patani House Firing Case: बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर मुठभड़े में मारे गए. यह मुठभेड़ बुधवार 17 सितंबर की देर शाम गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में हुई थी. मुठभेड़ में मारे गए दोनों शूटरों की पहचना रविंद्र निवासी गांव काहनी (रोहतक) और अरुण निवासी मयूर विहार (सोनीपत) के रूप में हुई है. इस ऑपरेशन को हरियाणा STF, दिल्ली पुलिस की काउंटर यूनिट और उत्तर प्रदेश STF की टीमों ने मिलकर अंजाम दिया था.

करीब 15 मिनट तक चली मुठभेड़ में लगभग 30 राउंड फायरिंग हुई. इस दौरान चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा हैं. पुलिस के मुताबिक, यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील और हाई रिस्क था, जिसे सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया. अब इस एनकाउंटर के क्रेडिट लेने का दौर शुरू हो गया है. एक तरफ यूपी एसटीएफ इस एनकाउंटर का श्रेय ले रही है तो वहीं, दूसरी तरफ हरियाण एसटीएफ इस मुठभेड़ का सेहरा अपने सिर बांधने में लगी है.

दरअसल, हरियाणा पुलिस का ऐसा कहना है कि यह पूरा ऑपरेशन उनकी सतर्कता और सूझबूझ की वजह से संभव हो सका. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा एसटीएफ की यूनिट ने न सिर्फ बदमाशों की पहचान की बल्कि उनकी लोकेशन की पुख्ता जानकारी भी जुटाई थी. इसी जानकारी के आधार पर यूपी एसटीएफ ने दोनों शूटरों रविंद्र और अरुण के लिए मौत का जाल बिछाया था. इस एनकाउंटर का नेतृत्व सोनीपत STF यूनिट के इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार कर रहे थे.
मारे गए आरोपी कुख्यात गैंगस्टरों के करीबी
मुठभेड़ में मारे गए दोनों शूटर रविंद्र और अरुण पर एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित था और ये कुख्यात गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े हुए थे. हरियाणा STF के एसपी, आईपीएस वसीम अकरम ने बताया कि रविंद्र पर 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं. सबसे गंभीर केस 2024 में कुख्यात अपराधी रवि जाटव को भगाने का प्रयास था, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी, तब से वह फरार था.

CCTV फुटेज और लाल जूतों ने खोला राज
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि दोनों बदमाशों को ट्रेस करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. अरुण ने लगातार हेलमेट पहना हुआ था, जिससे उसका चेहरा स्पष्ट नहीं दिख रहा था. रामपुर के एक होटल की फुटेज से उसकी पहचान पक्की हुई. वहीं, रविंद्र को ट्रेस करने में उसके लाल रंग के ‘Puma’ ब्रांड के जूतों ने मदद की, जो शाही के पास एक CCTV कैमरे में कैद हुए थे.

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राहुल गोयल

राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्‍थानों में काम करने का अनुभव. सा…और पढ़ें

राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्‍थानों में काम करने का अनुभव. सा… और पढ़ें

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