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US Venezuela News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से देश छोड़ने को कहा है. इसके बाद अटकलें तेज हैं कि मादुरो बेलारूस में शरण ले सकते हैं. वहीं पुतिन और लुकाशेंको का समर्थन माहौल को और विस्फोटक बना रहा है. अमेरिकी सेना लगातार कैरेबियन में दबाव बढ़ा रही है.
निकोलस मादुरो के देश छोड़ने की अटकलें लग रही हैं.वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर अमेरिका दबाव बढ़ाता जा रहा है. वेनेजुएला के ऑयल कंटेनर को भी अमेरिका ने कब्जे में ले लिया है और अब अपने देश ले जा रहा है. इसके अलावा ट्रंप ने नए प्रतिबंध मादुरो के करीबियों पर लगाया है. इससे पहले खबर आई थी कि ट्रंप ने मादुरो सेकहा है कि वे वेनेजुएला छोड़ दें, और अगर वह ऐसा करने पर राजी होते हैं तो अमेरिका उन्हें किसी भी देश में सुरक्षित रास्ता देकर पहुंचाने को तैयार है. रॉयटर्स के मुताबिक 21 नवंबर को मादुरो और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन कॉल में अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि उनका ‘समय पूरा हो चुका है’ और अगर वह शांतिपूर्वक सत्ता छोड़कर देश से निकल जाते हैं, तो उन्हें और उनके परिवार को पूरी सुरक्षा और कानूनी छूट दी जाएगी.
क्या बेलारूस भागने की तैयारी में हैं निकोलस मादुरो?
ट्रंप की इस चेतावनी के बाद अब अटकलें लग रही हैं कि क्या मादुरो देश छोड़कर जाने की तैयारी में हैं? बीते 17 दिनों में बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको दो बार वेनेजुएला के राजदूत से मिल चुके हैं. पहली मीटिंग में ही लुकाशेंको ने चौंकाने वाला संदेश दिया था, ‘मादुरो जब चाहें बेलारूस आ सकते हैं. यहां उनका हमेशा स्वागत है.’ दूसरी बैठक में उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ‘कुछ मुद्दे’ तय होने के बाद वे एक बार फिर मिलेंगे और जरूरत पड़ी तो खुद मादुरो से बात करेंगे. यहीं से यह चर्चा तेज हो गई कि कहीं मादुरो चुपचाप बेलारूस में शरण लेने की तैयारी तो नहीं कर रहे?
पुतिन ने भी किया मादुरो का समर्थन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को मादुरो से फोन पर बात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि रूस उनके ‘राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता’ की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ा है. रूस-बेलारूस दोनो की यह सक्रियता इस ओर इशारा करती है कि अगर मादुरो भागने का फैसला करते हैं, तो उनके लिए उत्तरी यूरेशिया सबसे सुरक्षित स्थल माना जा रहा है.
अमेरिका क्या कर रहा है?
अमेरिका ने पिछले महीनों में कैरेबियन में ऐसा सैन्य जमावड़ा कर दिया है जो किसी भी समय किसी बड़े ऑपरेशन में बदल सकता है. ट्रंप ने हाल ही में इंटरव्यू में कहा, ‘मादुरो के दिन गिने-चुने हैं.’ हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या वह अमेरिकी सेना को वेनेजुएला में भेजेंगे, लेकिन इतना जरूर स्पष्ट है कि अमेरिका अब मादुरो के शांतिपूर्ण ‘निकासी’ को प्राथमिकता दे रहा है.
क्यों बार-बार लग रही ‘भागने’ की अटकलें?
- रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मादुरो ने कहा कि वह देश छोड़ने को तैयार हैं, बस ‘पूरा कानूनी संरक्षण’ चाहिए.
- बेलारूस ने दो बार संकेत दिए कि उनका दरवाजा खुला है.
- पुतिन ने खुले समर्थन के साथ सुरक्षित कूटनीतिक कवर तैयार कर दिया.
- अमेरिकी सेना कैरेबियन में लगातार दबाव बना रही है.
- ट्रंप ने सीधे तौर पर कहा,- ‘अब जाने का समय आ गया है’
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
December 12, 2025, 15:59 IST





