दिल्ली पुलिस को इनपुट मिला था कि कुछ लोग नेपाल एंबेसी के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं. इसे देखते हुए मंडी हाउस स्थित नेपाल दूतावास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. हालांकि, अभी तक किसी प्रदर्शन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस द्वारा तैनाती बरकरार रखी गई है.
इधर, काठमांडू से जारी नोटिस में नेपाली सेना ने ‘जेन जी आंदोलन’ के घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता जताई है. सेना की तरफ से जारी जनसंपर्क एवं सूचना निदेशालय, सैन्य मुख्यालय, काठमांडू की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सेना देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता, भौगोलिक अखंडता और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. प्रेस विज्ञप्ति में आंदोलन के दौरान हुई जान-माल की क्षति पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है.
सेना से संपर्क करने के लिए प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए माध्यमों का उपयोग कर सकता है. गौरतलब है कि 4 सितंबर को नेपाल सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सऐप सहित 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था.
इन सोशल मीडिया कंपनियों ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में तय समय-सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था. मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया कंपनियों को 28 अगस्त से सात दिनों तक का समय दिया गया था, लेकिन समय-सीमा खत्म हो जाने के बावजूद कंपनियों ने आवेदन जमा नहीं किया.





