नेपाल में जोरदार हिंसक प्रदर्शन के बीच कई जेलों से हजारों कैदियों के फरार होने की खबर सामने आ रही हैं. नेपाल के करीब आधा दर्जन जिलों में जेल तोड़ने की घटना सामने आई है. जेल में कैदियों ने पहले आग लगाई इसके बाद मुख्य दरवाजे को तोड़कर फरार हो गए. कई जेलों में सुरक्षाकर्मियों और कैदियों के बीच झड़प भी हुई. पश्चिमी नेपाल की एक जेल में सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प में कम से कम पांच किशोर बंदियों की मौत हो गई. आंकड़ों के मुताबिक 7000 से अधिक कैदी जेल से फरार हो गए हैं.

नेपाल में हिंसा के बाद सीमा से लगते रक्सौल में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है. (फोटो: पीटीआई)
जेलों में अफरा-तफरी
गंभीर सुरक्षा चिंता
‘माय रिपब्लिका’ समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर की विभिन्न जेलों से लगभग 7,000 कैदी फरार हो गए हैं. गृह मंत्रालय के सूत्रों का हवाला देते हुए अखबार ने कहा कि दिल्लीबाजार जेल (1,100), चितवन (700), नक्खू (1,200), सुनसरी में झुम्पका (1,575), कंचनपुर (450), कैलाली (612), जलेश्वर (576), कास्की (773), डांग (124), जुमला (36), सोलुखुम्बु (86), गौर (260), और बजहांग (65) सहित कई जेलों से कैदियों के भागने की खबरें हैं. अखबार ने एक अलग खबर में बताया कि दक्षिणी नेपाल के बागमती प्रांत के सिंधुलीगढ़ी स्थित जिला जेल से 43 महिलाओं सहित सभी 471 कैदी फरार हो गए. जेल प्रशासन के अनुसार, कैदियों ने बुधवार सुबह जेल के अंदर आग लगा दी और मुख्य द्वार तोड़कर फरार हो गए. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है ज्यादातर इलाके जहां से यह कैदी फरार हुए हैं, वे भारत-नेपाल सीमा के पास हैं यानी इन कैदियों के भारत में घुसने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है.
बॉर्डर पर बढ़ी चुनौती
हालांकि, जिस समय से नेपाल में हिंसा की आग भड़कना शुरू हुई तोड़फोड़ होने लगी इस वक्त भारत नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसी को अलर्ट रहने के निर्देश मिले थे, लेकिन नेपाल की जेल से भागे हुए कैदियों ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की चुनौती और ज्यादा बढ़ा दी है. अपने देश में अपराध कर जेल में बंद ये कैदी कितने खतरनाक हैं, इस बात की जानकारी सशस्त्र सीमा बल नेपाल की आर्म्ड फोर्स पुलिस से जुटा रही है.





