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Pension Update : सरकार ने एनपीएस के विकल्प के तौर पर यूपीएस लॉन्च किया था. इसमें अब एक नया फीचर भी जोड़ दिया है. इसके तहत वीआरएस लेने वालों को अब पेंशन का लाभ तत्काल मिलना शुरू हो जाएगा. अभी तक उन्हें 60 सा…और पढ़ें
सरकार ने यूपीएस के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने यह फैसला उन कर्मचारियों के हित के लिए किया है जो किसी कारणवश अपनी नौकरी पूरी करने में असमर्थ होते हैं या फिर सरकार की ओर से जिन्हें वीआरएस दिया जाता है. इससे पहले जब एनपीएस के विकल्प के रूप में सरकार ने यूपीएस पेश किया तो कर्मचारियों ने इस पर आपत्ति जताई. उनका कहना था कि यूपीएस में भी वीआएस लेने वालों के लिए तत्काल पेंशन मिलने का नियम नहीं है. ऐसे में उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है. इसी समस्या को खत्म करते हुए सरकार ने अब वीआरएस लेने वालों को तत्काल पेंशन देने का प्रावधान कर दिया है.
सरकार ने साल 2004 में पुरानी पेंशन स्कीम को खत्म कर नेशन पेंशन स्कीम (NPS) को शुरू किया था. यह बाजार आधारित पेंशन स्कीम थी, जिसकी वजह से कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध किया और पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई. इसके बाद सरकार ने एनपीएस के विकल्प के रूप में यूपीएस को पेश किया, जिसमें गारंटी वाली पेंशन का प्रावधान है. हालांकि, लॉन्च किए जाने के बाद से अब तक महज 1 फीसदी कर्मचारियों ने ही इसका चुनाव किया है और इसे भी एनपीएस की तरह ही बेकार स्कीम बताई है. कर्मचारी संगठन आज भी पुरानी पेंशन स्कीम की ही मांग पर डटे हुए हैं.
वीआरएस पर क्यों फंसा था पेच
यूपीएस का चुनाव करने वाले कर्मचारियों ने भी इसमें वीआरएस को लेकर चिंता जताई थी. उनका कहना था कि जो कर्मचारी समय से पहले रिटायर हो जाते हैं, उन्हें पेंशन का लाभ लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. वीआरएस लेने वालों को अभी तक पेंशन के लिए 60 साल की उम्र होने तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब सरकार ने तत्काल पेंशन का लाभ देने का प्रावधान कर दिया है. अब वीआरएस लेने वालों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
कब तक चुन सकते हैं यूपीएस
सरकार ने यूपीएस को 1 अप्रैल, 2025 से लागू किया है. पहले इसकी डेडलाइन 30 जून थी और बाद में इसे बढ़ाकर 30 सितंबर, 2025 कर दिया गया. डेडलाइन समाप्त होने में अब सिर्फ 20 दिन बचे हैं और अभी तक 1 फीसदी कर्मचारियों ने ही इसका चुनाव किया है. सरकार ने इसे आकर्षक बनाने के लिए कई नए फीचर भी जोड़े हैं, लेकिन अभी तक कर्मचारियों को इसमें लाभ नहीं दिख रहा है.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें
New Delhi,Delhi
September 11, 2025, 12:39 IST





