Last Updated:
North Korea vs South Korea: दुनिया इस समय बारूद के ढेर पर बैठी नजर आ रही है. एक तरफ मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से शुरू हुआ ईरान और अमेरिका-इजरायल का युद्ध भीषण रूप ले चुका है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर आग में घी डालने का काम किया है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने मंगलवार, 10 मार्च 2026 को एक नए और बेहद शक्तिशाली 5000 टन के नौसैनिक डिस्ट्रॉयर से रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का सफल परीक्षण किया. ‘चो ह्योन’ क्लास के इस जंगी जहाज से दागी गई मिसाइलों ने करीब तीन घंटे तक समुद्र के ऊपर उड़ान भरी और सटीक तरीके से अपने लक्ष्यों को तबाह कर दिया. किम जोंग उन खुद अपनी बेटी के साथ इस मिशन की निगरानी कर रहे थे, जो साफ संकेत है कि प्योंगयांग अपनी समुद्री ताकत को कई गुना बढ़ा चुका है. यह टेस्ट ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका अपना सालाना सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ कर रहे हैं.

उत्तर कोरिया ने जिस जहाज से मिसाइल दागी वह चोए ह्योन क्लास का नया डेस्ट्रॉयर बताया जा रहा है. यह लगभग 5000 टन क्षमता वाला आधुनिक युद्धपोत है. सरकारी टीवी फुटेज में दिखाया गया कि किम जोंग उन एक कमांड सेंटर से इस लॉन्च को देख रहे थे. उनके साथ उनकी बेटी भी मौजूद थी. मिसाइल परीक्षण में एक के बाद एक कई क्रूज मिसाइलें दागी गईं.

इस परीक्षण के पीछे समय भी काफी अहम माना जा रहा है. अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने 9 मार्च से अपना वार्षिक सैन्य अभ्यास शुरू किया है. इस अभ्यास का नाम फ्रीडम शील्ड है और यह 19 मार्च तक चलेगा. इस अभ्यास का मकसद दोनों देशों की संयुक्त रक्षा क्षमता मजबूत करना है. उत्तर कोरिया अक्सर इन सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ उकसावे वाली कार्रवाई बताता है.

सबसे चौंकाने वाली खबर यह है कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया की सुरक्षा में तैनात अपने सबसे आधुनिक THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) सिस्टम के हिस्सों को वहां से हटाना शुरू कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण वाशिंगटन को इन हथियारों की जरूरत अब पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में महसूस हो रही है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

सियोल के दक्षिण में स्थित सोंगजू बेस से थॉड लॉन्चरों को हटाकर ओसान एयर बेस ले जाते हुए देखा गया है. हालांकि दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उनकी सेना उत्तर कोरिया के किसी भी हमले को रोकने में सक्षम है, लेकिन राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने दबे स्वर में अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने स्वीकार किया कि अमेरिका अपने सैन्य हितों के लिए सुरक्षा उपकरण हटा रहा है और दक्षिण कोरिया चाहकर भी इसे पूरी तरह रोक नहीं पा रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया इस समय दुनिया के बिगड़ते हालातों का पूरा फायदा उठाने की फिराक में है. अमेरिका इस वक्त ईरान के मोर्चे पर बुरी तरह फंसा हुआ है, ऐसे में किम जोंग उन अपने मिसाइल बेड़े को अपग्रेड करके अमेरिका पर दबाव बनाना चाहते हैं.

उत्तर कोरिया ने खुलकर ईरान का समर्थन किया है और अमेरिका-इजरायल के हमलों को ‘अवैध’ करार दिया है. प्योंगयांग ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई के प्रति भी अपना सम्मान व्यक्त किया है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकी को दर्शाता है. प्योंगयांग ने यह भी कहा कि वह ईरान की संप्रभुता का सम्मान करता है और क्षेत्रीय शांति को नुकसान पहुंचाने के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया.

अगर अमेरिका मिडिल ईस्ट में उलझा रहता है, तो उत्तर कोरिया आने वाले दिनों में और भी खतरनाक हथियारों या परमाणु परीक्षणों के जरिए इस क्षेत्र की शांति को पूरी तरह भंग कर सकता है.
March 11, 2026, 15:45 IST





