राजनाथ सिंह ने हाल ही में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सेनाओं ने दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन केवल स्थगित हुआ है, खत्म नहीं. अगर भविष्य में कोई आतंकी हमला होता है तो ऑपरेशन फिर से शुरू किया जाएगा.
‘सीजफायर में किसी का दखल नहीं…’
राजनाथ ने कहा, ‘कुछ लोग भारत-पाक संघर्ष को रोकने का दावा करते हैं. किसी ने ऐसा नहीं किया. मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक डार ने भी साफ किया था कि भारत ने इस मामले में तीसरे पक्ष की भूमिका खारिज कर दी.’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि यह द्विपक्षीय मामला है और कोई तीसरा पक्ष इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता.
‘पहलगाम के हमलावरों जैसे थे रजाकार…’
इस मौके पर रक्षा मंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर सरदार पटेल का सपना पूरा किया. राजनाथ सिंह ने कहा, “आज का यह दिन भारतीय इतिहास के एक बड़े ही महत्वपूर्ण माइलस्टोन के रूप में जाना जाता है. हम जिस हैदराबाद लिबरेशन डे की स्मृति को ताज़ा करने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं, वह हमारे इतिहास का एक बड़ा ही निर्णायक और गौरवपूर्ण अध्याय है… भारत अगस्त 1947 में आजाद हो गया था लेकिन भारत के उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाला एक बड़ा इलाका हैदराबाद भारत का हिस्सा नहीं था… यानी आजाद होने के बावजूद भारत एक ना होकर कई टुकड़ों में बंटा था… सरदार पटेल ने राजनीतिक परिपक्वता और कुशल रणनीति के बल पर रियासतों को शांति से भारत में मिला लिया। भारत और भारत के लोग सदैव सरदार पटेल जी के ऋणी रहेंगे…’
राजनाथ सिंह ने भारत की आर्थिक मजबूती का भी उल्लेख किया और कहा कि 2014 में 11वें स्थान पर रही भारतीय अर्थव्यवस्था आज चौथे स्थान पर है और जल्द ही शीर्ष तीन देशों में शामिल होगी. हैदराबाद परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जी. किशन रेड्डी और बंडी संजय कुमार भी मौजूद रहे.





