Agency:एजेंसियां
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Which Countries Deposit Cash into Citizens Account: भारत में सरकार कुछ योजनाओं के तहत लाभार्थियों के अकाउंट में पैसे डालती है लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे भी देश हैं, जहां नियमित रूप से लोगों के अकाउंट में पैसे गिरते हैं. ये सरकारी कमाई में उनका शेयर होता है, जो लाखों में हो सकता है.

हाल ही में हुए बिहार चुनाव 2025 में एनडीए की जीत की बड़ी वजह नीतीश सरकार की डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाएं मानी गईं. कहा गया कि किसानों और महिलाओं के खाते में 1,000 से 10,000 रुपये तक भेजे गए, जिन्होंने जीत का रास्ता साफ किया. वैसे ऐसी योजनाएं सिर्फ भारत ही नहीं कई और देशों में भी हैं.

सबसे पहले बात अलास्का की. अलास्का वो जगह है, जहां खनिज का भंडार है और यहां की सरकार को तेल बेचकर अच्छी कमाई भी होती है. ऐसे में हर नागरिक को इस कमाई का हिस्सा दिया जाता है. सालाना ये हिस्सा 1,000–2,500 डॉलर यानि लगभग 90,000–2,70,000 रुपये तक हो सकता है.

अगला नंबर है खुशहाल देशों में से एक माने जाने वाले फिनलैंड की. यहां साल 2017–18 में 2000 लोगों को दो साल तक हर महीने 560 यूरो यानि करीब 58 हजार रुपये दिए गए. इस तरह से बिना शर्त मिलने वाली आय (UBI) का असर देखने की कोशिश की गई.
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खाड़ी देश ईरान में भी कुछ ऐसी ही व्यवस्था है. यहां साल 2010 से ईरान ने सब्सिडी हटाकर हर नागरिक को 40-45 डॉलर यानि करीब 4000 रुपये महीना देना शुरू किया. ये दुनिया की सबसे विशाल कैश ट्रांफर प्रणाली मानी जाती है.

इसके अलावा मकाऊ में भी सरकार नागरिकों को सीधे अकाउंट में पैसे देते हैं. ये कसीनो टैक्स से आने वाले पैसे हैं और हर नागरिक को 7000-10000 पाटाका दिए जाते हैं.

अगला देश हांग कांग है. यहां हर वयस्क नागरिक को एक बार में 10,000 HKD दिए जाते हैं. ये पैसे सीधे उनके अकाउंट में पहुंचाए जाते हैं.

सिंगापुर में कोविड के दौरान 600–1,200 सिंगापुर डॉलर दिए गए. कम आय वाले लोगों को अब भी नियमित आर्थिक सहायता मिलती है. वहीं कनाडा में भी ऊर्जा सब्सिडी के रूप में समय–समय पर सीधा पैसा भेजा जाता है.

सऊदी अरब में तेल की कमाई से परिवारों को मासिक कैश सहायता दी जाती है, जबकि यूएई में घर, शादी और मासिक सहायता जैसी योजनाओं के तहत पैसा सीधे खाते में जाता है.

मंगोलिया में खनिज से अच्छी कमाई होती है. ऐसे में खनिज और कॉपर की कमाई से हर नागरिक को साल में 100,000 तुगरिक तक दिए जाते हैं.





